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कानपुर सर्राफा बाजार: सोने की कीमतों में भारी गिरावट, खरीदारी का सुनहरा मौका

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कानपुर । बुधवार, 29 अप्रैल 2026

कानपुर के स्थानीय सर्राफा बाजार में आज यानी 29 अप्रैल 2026 (बुधवार) को हलचल तेज रही। वैश्विक संकेतों और घरेलू बाजार में निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली के कारण सोने और चांदी के दामों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। पिछले कुछ हफ्तों से लगातार बढ़ रही कीमतों के बाद, आज की गिरावट खरीदारों के लिए एक ठंडी हवा के झोंके की तरह आई है।

? सोने के ताज़ा दाम (Gold Rates Today)

आज कानपुर के बाजार में सोने की कीमतें पिछले बंद के मुकाबले काफी नीचे खुलीं:

शुद्धता (Carat) आज का भाव (प्रति 10 ग्राम) कल के मुकाबले बदलाव
24 कैरेट (शुद्ध सोना) ₹1,51,080 – ₹2,770 (गिरावट)
22 कैरेट (ज्वेलरी) ₹1,38,500 – ₹2,540 (गिरावट)
18 कैरेट ₹1,13,335 कमी दर्ज की गई

? चांदी की चमक हुई फीकी (Silver Rates)

चांदी के बाजार में भी आज नरमी देखी गई। औद्योगिक मांग में थोड़ी सुस्ती और अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण कीमतें इस प्रकार रहीं:

  • प्रति किलोग्राम: ₹2,59,900

  • प्रति 100 ग्राम: ₹25,990

  • प्रति 10 ग्राम: ₹2,599

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? क्या यह गिरावट वास्तविक है?

हालाँकि रिपोर्ट में ₹1.5 लाख के स्तर पर सोने की बात की गई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में मुद्रास्फीति और भू-राजनीतिक तनाव के चलते कीमतें इस स्तर तक पहुँच सकती हैं। आज की ₹2,770 की गिरावट के पीछे मुख्य कारण हैं:

  1. डॉलर की मजबूती: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थिति में स्थिरता।

  2. मुनाफावसूली (Profit Booking): ऊंचे स्तरों पर निवेशकों ने अपना सोना बेचकर मुनाफा कमाया है, जिससे बाजार में आपूर्ति बढ़ी है।

  3. वैश्विक संकेत: कॉमेक्स (COMEX) पर सोने की कीमतों में सुधार।

? विशेषज्ञों की सलाह: क्या अभी खरीदना सही है?

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि आप आगामी शादियों के सीजन के लिए आभूषण खरीदना चाहते हैं, तो यह गिरावट एक ‘Buying Opportunity’ है। सोना लंबे समय में हमेशा बेहतर रिटर्न देता है।

सावधानी: कृपया ध्यान दें कि ऊपर दिए गए रेट्स में 3% GST, हॉलमार्किंग शुल्क और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं। सटीक कीमत के लिए अपने नजदीकी विश्वसनीय जौहरी से संपर्क करें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।