बेंगलुरु । शुक्रवार, 29 शनिवार 2026
कर्नाटक की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। बेंगलुरु में कल यानी शनिवार शाम को कांग्रेस विधायक दल (CLP) की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य के नए नेता को औपचारिक रूप से चुनना और आगामी सरकार के गठन की रूपरेखा तैयार करना है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल इस बात को लेकर भी तेज है कि उपमुख्यमंत्री पद की कमान संभाल रहे डीके शिवकुमार अब अपने शपथ ग्रहण के साथ-साथ नए मंत्रिमंडल के चेहरों को लेकर वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार मंथन कर रहे हैं।
CLP बैठक में क्या होगा खास?
शनिवार शाम होने वाली इस हाई-प्रोफाइल बैठक में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक की शुरुआत में कांग्रेस विधायक दल सबसे पहले निवर्तमान वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया की सेवाओं और उनके योगदान की सराहना करते हुए एक धन्यवाद प्रस्ताव पारित करेगा। इसके तुरंत बाद, औपचारिक प्रक्रिया के तहत डीके शिवकुमार को विधायक दल का नया नेता चुन लिया जाएगा। इसके बाद नए सीएलपी नेता के निर्देशों के अनुसार प्रशासनिक स्तर पर शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां आधिकारिक रूप से शुरू कर दी जाएंगी।
ज्योतिषी की सलाह: इन तीन तारीखों पर टिकी हैं नजरें
हर कोई जानना चाहता है कि डीके शिवकुमार का शपथ ग्रहण समारोह आखिरकार कब होगा? खबरों की मानें तो शिवकुमार ने इस ऐतिहासिक पल के लिए अपने पारिवारिक ज्योतिषी बीएस द्वारकानाथ से विशेष परामर्श लिया है।
ज्योतिषी ने उन्हें तीन ‘शुभ’ तारीखों और समय का सुझाव दिया है:
-
31 मई (रविवार)
-
1 जून (सोमवार)
-
5 जून (शुक्रवार)
हालांकि, तारीख का अंतिम फैसला पूरी तरह से कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व यानी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। डीके शिवकुमार चाहते हैं कि उनके जीवन के इस सबसे बड़े पड़ाव पर ये दोनों दिग्गज नेता बेंगलुरु में मौजूद रहें।
प्रियंका गांधी ने आगे बढ़ाई दावेदारी: मजबूत रिश्तों की कहानी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डीके शिवकुमार की दावेदारी को इस मुकाम तक पहुंचाने में प्रियंका गांधी की बहुत बड़ी भूमिका रही है। दोनों के बीच बेहद सौहार्दपूर्ण संबंध हैं। याद दिला दें कि दो साल पहले हुए लोकसभा चुनावों के दौरान जब प्रियंका गांधी वायनाड से चुनावी मैदान में उतरी थीं, तब डीके शिवकुमार ने वहां पहुंचकर उनके चुनाव प्रचार की कमान सक्रिय रूप से संभाली थी। इसी निष्ठा का प्रतिफल है कि आज हाईकमान उनके नाम पर पूरी तरह सहमत है।
5 अन्य मंत्रियों के साथ होगी ताजपोशी
उपमुख्यमंत्री के करीबी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शुरुआती चरण में डीके शिवकुमार के साथ केवल पांच अन्य वरिष्ठ नेता ही मंत्री पद की शपथ लेंगे। पूर्ण मंत्रिमंडल विस्तार का फैसला बाद में किया जाएगा। पार्टी आलाकमान कर्नाटक के विभिन्न क्षेत्रों (जैसे कित्तूर कर्नाटक, कल्याण कर्नाटक, ओल्ड मैसूर) और अलग-अलग जातियों के बीच एक सटीक सामाजिक व राजनीतिक संतुलन बनाने के बाद ही बाकी मंत्रियों के नामों की घोषणा करेगा।
सिद्धारमैया ने सोनिया-राहुल से की मुलाकात
दूसरी तरफ, वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने भी अपने पत्ते खेलने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को उन्होंने अपने बेटे डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया के साथ दिल्ली में सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात की।
बड़ी सुधार और अपडेट: हालांकि कुछ राजनीतिक हलकों में कयास थे कि सिद्धारमैया को केंद्र की राजनीति में भेजा जा सकता है, लेकिन उन्होंने राज्यसभा के इस प्रस्ताव को बहुत ही विनम्रता के साथ ठुकरा दिया है। अब उनकी पूरी कोशिश नए मंत्रिमंडल में अपने वफादार विधायकों को अधिक से अधिक और महत्वपूर्ण विभाग दिलाने की है। साथ ही वे अपने बेटे डॉ. यतींद्र के राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भी जोर लगा रहे हैं।
“ईश्वर वरदान नहीं, अवसर देते हैं” — डीके शिवकुमार का भावुक संदेश
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर डीके शिवकुमार ने एक बेहद भावुक पोस्ट साझा की है। उन्होंने लिखा कि आने वाले दिनों में उन्हें राज्य के कल्याण और कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए सिद्धारमैया के लंबे अनुभव और मार्गदर्शन की जरूरत रहेगी।
शिवकुमार ने लिखा:
“भगवान न तो हमें कोई वरदान देते हैं और न ही कोई अभिशाप। वह केवल हमें अवसर देते हैं। असल बात यह है कि हम उन अवसरों का इस्तेमाल समाज की भलाई के लिए कैसे करते हैं। सिद्धारमैया जी का जीवन इस विचार का सबसे बेहतरीन और जीवंत उदाहरण है।”
कौन संभालेगा कर्नाटक कांग्रेस (KPCC) की कमान?
डीके शिवकुमार का कद सरकार में बढ़ने का सीधा मतलब यह है कि ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के सिद्धांत के तहत उन्हें कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना होगा। इस प्रतिष्ठित पद को संभालने के लिए इस समय दो बड़े मंत्रियों के नाम सबसे आगे चल रहे हैं:
-
ईश्वर खंड्रे (कर्नाटक सरकार में मंत्री)
-
सतीश जारकीहोली (कर्नाटक सरकार में मंत्री)
ये दोनों ही नेता अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत पकड़ रखते हैं और संगठन चलाने का लंबा अनुभव रखते हैं।
बेंगलुरु विकास विभाग अपने पास ही रखेंगे शिवकुमार
शपथ ग्रहण से ठीक पहले विभागों के बंटवारे को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। डीके शिवकुमार वर्तमान में जल संसाधन के साथ-साथ बेंगलुरु विकास (Bengaluru Development) जैसा अति-महत्वपूर्ण विभाग संभाल रहे हैं। सूत्रों की मानें तो वे इस विभाग को किसी भी कीमत पर अपने पास ही रखना चाहते हैं, क्योंकि उन्होंने ‘ब्रांड बेंगलुरु’ की वैश्विक छवि को बदलने के लिए कई महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचागत (Infrastructure) परियोजनाओं की शुरुआत की है, जिन्हें वे खुद पूरा करना चाहते हैं।
Matribhumisamachar


