गुवाहाटी | सोमवार, 30 मार्च 2026
असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बिगुल फूँकते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ संवाद के जरिए राज्य के लाखों भाजपा कार्यकर्ताओं में जोश भरा। नमो ऐप (NaMo App) के माध्यम से हुए इस संवाद में पीएम ने न केवल विकास का रोडमैप रखा, बल्कि विपक्ष पर तीखे प्रहार करते हुए कार्यकर्ताओं को डिजिटल युग की नई चुनौतियों (AI Deepfakes) के प्रति भी आगाह किया।
शांति और ‘डबल इंजन’ का रिपोर्ट कार्ड
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ‘शांति’ को असम की प्रगति का आधार बताया। उन्होंने कहा:
“असम ने दशकों तक हिंसा और अस्थिरता का दंश झेला है। लेकिन पिछले 10 वर्षों में हमने 12 से अधिक शांति समझौते किए हैं, जिससे उग्रवाद का अंत हुआ और युवाओं के हाथों में हथियार की जगह अवसर आए।”
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारें केवल कागजों पर समझौते करती थीं, जबकि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने उन्हें जमीन पर उतारकर बोडो समुदाय सहित सभी वर्गों का विश्वास जीता है।
‘फर्स्ट टाइम वोटर्स’ पर विशेष ध्यान
9 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए पीएम ने कार्यकर्ताओं को एक विशिष्ट ‘होमवर्क’ दिया। उन्होंने अपील की कि वे पहली बार मतदान करने वाले युवाओं (First-time voters) के पास जाएं और उन्हें 2016 से पहले के असम की याद दिलाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि “एक छोटी सी गलती राज्य को फिर से पिछड़ेपन के उसी दौर में ले जा सकती है।”
AI और फेक न्यूज़: डिजिटल सतर्कता की सलाह
तकनीक के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं को AI-जनित फर्जी वीडियो (Deepfakes) से सावधान रहने को कहा। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान भ्रम फैलाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का सहारा लेकर गलत वीडियो वायरल किए जा सकते हैं, इसलिए कार्यकर्ताओं को केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करना चाहिए।
असम विधानसभा चुनाव 2026: मुख्य आंकड़े और कार्यक्रम
चुनाव आयोग के अनुसार, इस बार का मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है। यहाँ चुनाव से जुड़े प्रमुख विवरण दिए गए हैं:
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
| कुल विधानसभा सीटें | 126 |
| मतदान की तारीख | 9 अप्रैल 2026 (एक चरण में) |
| नामांकन की स्थिति | प्रक्रिया पूर्ण (722 उम्मीदवार मैदान में) |
| मतगणना (Result) | 4 मई 2026 |
| मुख्य गठबंधन | NDA (भाजपा+) बनाम असम सम्मिलित मोर्चा (कांग्रेस+) |
चाय बागान श्रमिकों और प्रवासियों का मुद्दा
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से चाय बागान श्रमिकों के लिए किए गए कार्यों, जैसे वित्तीय सहायता, स्वास्थ्य सुविधाओं और ‘लैंड पट्टा’ (भूमि आवंटन) का जिक्र किया। साथ ही, उन्होंने अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर भी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, जो असम की राजनीति का एक संवेदशनशील हिस्सा रहा है।
निष्कर्ष: प्रधानमंत्री मोदी का यह संवाद स्पष्ट करता है कि भाजपा असम में “विकास और सुरक्षा” के अपने ट्रैक रिकॉर्ड के दम पर लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है।
Matribhumisamachar


