बहेड़ी । मंगलवार, 7 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की बहेड़ी विधानसभा में राजनीतिक और सामाजिक पारा एक बार फिर चढ़ गया है। तहसील परिसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में उस समय भारी हंगामा देखने को मिला, जब पूर्व विधानसभा प्रत्याशी नसीम अहमद अपने सैकड़ों समर्थकों और हाथों में ‘विधायक अताउर्रहमान मुर्दाबाद’ के पोस्टर लिए पहुंचे। नसीम अहमद ने उपजिलाधिकारी (SDM) इशिता किशोर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की वर्तमान समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार के विधायक अताउर्रहमान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और बहेड़ी में गहराते बिजली संकट के लिए उन्हें सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया।
132 केवीए सब स्टेशन का रिछा स्थानांतरण: विवाद की मुख्य जड़
नसीम अहमद ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या को पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने बताया कि बहेड़ी की औद्योगिक और घरेलू बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने यहाँ 132 केवीए (KVA) सब स्टेशन को स्वीकृति दी थी।
आरोप है कि वर्तमान सपा विधायक अताउर्रहमान ने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए इस अति-महत्वपूर्ण सब स्टेशन को बहेड़ी से हटाकर अपने गृह नगर रिछा में स्थानांतरित (शिफ्ट) करवा दिया। इस एक फैसले की वजह से बहेड़ी नगर और उसके आसपास की लगभग एक लाख से अधिक आबादी पिछले लंबे समय से भीषण बिजली की किल्लत और कटौती से जूझ रही है।
बहेड़ी के स्थानीय उद्योगों और व्यापार पर पड़ा गहरा असर
तहसील सभागार के बाहर उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए पूर्व प्रत्याशी ने कहा कि बिजली की इस भारी अव्यवस्था के कारण बहेड़ी का विकास पूरी तरह थम गया है। उन्होंने क्षेत्र के आर्थिक ढांचे का हवाला देते हुए निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित किया:
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लघु और कुटीर उद्योग प्रभावित: क्षेत्र में संचालित हो रहीं लगभग 20 बड़ी राइस मिलें, आरा मशीनें और कपड़े का स्थानीय बाजार बिजली न होने से ठप होने की कगार पर हैं।
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संस्थानों में अव्यवस्था: नगर के निजी अस्पताल, स्कूल और डिग्री कॉलेजों में लगातार बिजली कटने से रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।
नसीम अहमद ने मांग की है कि बहेड़ी के विकास और जनहित को देखते हुए यहाँ तत्काल एक नया 132 केवीए सब स्टेशन स्थापित किया जाए, ताकि स्थानीय उद्योगों को संजीवनी मिल सके।
किसानों का 161 करोड़ का गन्ना बकाया और आर्थिक तंगी
बिजली संकट के अलावा, इस विरोध प्रदर्शन में किसानों की बदहाली का मुद्दा भी प्रमुखता से गूंजा। नसीम अहमद ने आरोप लगाया कि क्षेत्र की प्रसिद्ध केसर चीनी मिल पर स्थानीय किसानों का लगभग 161 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य बकाया है।
“आर्थिक तंगी के कारण आज बहेड़ी का अन्नदाता बेबस है। किसानों के पास बच्चों की स्कूल फीस भरने, परिवार में शादियाँ करने और बीमार बुजुर्गों के इलाज तक के पैसे नहीं बचे हैं। प्रशासन को मिल मालिक पर दबाव बनाकर तुरंत भुगतान सुनिश्चित कराना चाहिए।” — नसीम अहमद, पूर्व प्रत्याशी
बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग
समाधान दिवस में सौंपे गए ज्ञापन में बहेड़ी के यातायात और चरमराई स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए निम्नलिखित प्रमुख मांगें भी शामिल थीं:
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केसर और मुड़िया रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज (Flyover): नगर की लगभग 30 प्रतिशत आबादी रेलवे ट्रैक के दूसरी तरफ बसती है। साथ ही करीब 800 गांवों के लोग इन दोनों क्रॉसिंगों का इस्तेमाल करते हैं। ओवरब्रिज न होने से यहाँ घंटों लंबा जाम लगता है, जिससे एम्बुलेंस और यात्रियों का समय बर्बाद होता है।
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रात्रिकालीन दिल्ली बस सेवा: बहेड़ी से देश की राजधानी दिल्ली के लिए एक सीधी नाइट बस सेवा शुरू करने की मांग की गई है, जिससे स्थानीय व्यापारियों और गंभीर मरीजों को सीधे दिल्ली के बड़े अस्पतालों में जाने की सहूलियत मिलेगी।
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सरकारी अस्पताल का अपग्रेडेशन: स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में डॉक्टरों के रिक्त पदों को भरने, तत्काल नई डिजिटल एक्स-रे मशीन लगाने और एक अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने की मांग की गई है ताकि मरीजों को बरेली मुख्यालय न भागना पड़े।
प्रशासन की ओर से एसडीएम इशिता किशोर ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया है कि बिजली, स्वास्थ्य और किसान बकाए से जुड़े इन संवेदनशील मामलों की जांच कर रिपोर्ट संबंधित विभागों और शासन को जल्द से जल्द प्रेषित की जाएगी।
Matribhumisamachar


