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₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोटों का ट्रायल जल्द: क्या कागजी नोट बंद हो जाएंगे? जानिए पूरी बात

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भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए जाने वाले 10 और 20 रुपये के पॉलिमर प्लास्टिक नोटों का सैंपल डिजाइन
मुंबई | मंगलवार, 11 अगस्त 2026
भारत में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जल्द ही करेंसी मैनेजमेंट में एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है। केंद्र सरकार ने ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलिमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह जांचना है कि प्लास्टिक के नोट भारत की जलवायु और अत्यधिक इस्तेमाल की परिस्थितियों में कितने टिकाऊ और उपयोगी साबित होते हैं।

ट्रायल के तहत कितने नोट तैयार किए जाएंगे?

RBI के इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत ₹10 और ₹20 के कुल 2 अरब नोट छापे जाएंगे:
मूल्यवर्ग (Denomination) प्रस्तावित पॉलिमर नोट संख्या
₹10 1 अरब (1 Billion)
₹20 1 अरब (1 Billion)
कुल (Total) 2 अरब (2 Billion)
इन नोटों को देश के 5 चुनिंदा शहरों/क्षेत्रों में अलग-अलग भौगोलिक और मौसमी परिस्थितियों में परीक्षण के लिए जारी किया जाएगा।

क्या ₹10 और ₹20 के कागजी नोट बंद हो जाएंगे?

नहीं। आम जनता के बीच इस खबर को लेकर किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति नहीं होनी चाहिए। पॉलिमर नोटों का ट्रायल शुरू होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मौजूदा कागजी नोट तुरंत अमान्य या बंद हो जाएंगे।
  1. समानांतर प्रचलन: शुरुआती चरण में कागजी नोट और पॉलिमर नोट दोनों एक साथ बाजार में चलेंगे।
  2. परीक्षण का उद्देश्य: इस ट्रायल का मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक करेंसी की मजबूती, गंदे होने की दर और वाटर-रेजिस्टेंस का मूल्यांकन करना है।
  3. भविष्य का फैसला: ट्रायल के नतीजे सफल रहने पर ही भविष्य में पॉलिमर नोटों को नियमित रूप से छापने और बढ़ाने पर फैसला लिया जाएगा।

पॉलिमर (प्लास्टिक) नोट लाने के फायदे

₹10 और ₹20 के नोट दैनिक लेन-देन (चाय, सब्जियां, बस किराया आदि) में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं, जिससे ये बहुत जल्दी फट या खराब हो जाते हैं। पॉलिमर करेंसी से निम्नलिखित लाभ मिलने की उम्मीद है:
  • लंबी उम्र: कागजी नोटों की तुलना में पॉलिमर नोट 2.5 से 3 गुना अधिक समय तक चलते हैं।
  • नमी और पानी से सुरक्षा: यह पानी, तेल या पसीने से खराब नहीं होते।
  • स्वच्छता और सुरक्षा: प्लास्टिक नोटों पर धूल-गंदगी और बैक्टीरिया आसानी से नहीं चिपकते।
  • लागत में कमी: बार-बार नए नोट छापने और पुराने नोटों को नष्ट करने का खर्च घटेगा, जिससे RBI के करेंसी मैनेजमेंट का बजट कम होगा।
  • उन्नत सुरक्षा फीचर्स: पॉलिमर मटेरियल पर जाली नोट (Counterfeiting) बनाना बेहद मुश्किल होता है।

 

पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या पॉलिमर नोट का मतलब 10 और 20 के सिक्के बंद हो जाना है?
उत्तर: नहीं, सिक्के पहले की तरह ही बाजार में मान्य रहेंगे।
Q2. पॉलिमर नोट आम जनता के हाथ में कब तक आएंगे?
उत्तर: ट्रायल फेज पूरा होने और उसके नतीजों के आधार पर RBI इन्हें धीरे-धीरे बैंकों के माध्यम से बाजार में उतारेगा।
Q3. क्या पॉलिमर नोट पर्यावरण के लिए नुकसानदेह हैं?
उत्तर: पॉलिमर नोट रिसाइकल (Recycle) किए जा सकते हैं। जब इनकी उम्र पूरी हो जाती है, तो इन्हें पिघलाकर अन्य प्लास्टिक उत्पाद बनाए जा सकते हैं।

Disclaimer

यह समाचार केवल जन-जागरूकता और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए साझा किया गया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के आधिकारिक निर्देशों और तिथियों के लिए सरकार के आधिकारिक गजट या RBI की आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि करें।
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