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सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर हुई 38: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कानून को दी मंजूरी, न्याय प्रक्रिया में आएगी तेजी

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भारत का सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) नई दिल्ली का मुख्य भवन
नई दिल्ली। बुधवार, 12 अगस्त 2026
भारत में आम नागरिकों को त्वरित और सुगम न्याय दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2026 को अपनी औपचारिक मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति की सहमति मिलने के साथ ही अब यह संशोधन अधिनियम देश भर में कानूनी रूप से लागू हो गया है।
इस कानून के प्रभावी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की कुल स्वीकृत संख्या 34 से बढ़कर 38 हो जाएगी। इसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और 37 अन्य न्यायाधीश शामिल होंगे।

संशोधन की मुख्य बातें और नया ढांचा

संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित इस विधेयक को अब राष्ट्रपति से हरी झंडी मिल चुकी है। वर्ष 2019 में आखिरी बार सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या 30 से बढ़ाकर 33 (CJI के अलावा) यानी कुल 34 की गई थी।
विवरण संशोधन से पहले नया स्वीकृत ढांचा (2026)
मुख्य न्यायाधीश (CJI) 1 1
अन्य न्यायाधीश 33 37
कुल न्यायाधीश संख्या 34 38

क्यों महत्वपूर्ण है न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाना?

देश की सर्वोच्च अदालत पर मुकदमों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यह फैसला कई मायनों में गेम-चेंजर साबित होगा:
  1. लंबित मामलों का तेजी से निस्तारण: सुप्रीम कोर्ट में लंबित मुकदमों की बढ़ती संख्या को कम करने में अतिरिक्त न्यायाधीशों की भूमिका अहम होगी।
  2. संवैधानिक पीठों का आसान गठन: जब कई जजों की बड़ी बेंच (Constitution Bench) का गठन किया जाता है, तो नियमित मुकदमों की सुनवाई प्रभावित होती है। 38 जजों की क्षमता से महत्वपूर्ण नीतिगत और संवैधानिक मामलों की सुनवाई बिना रुकावट के हो सकेगी।
  3. न्यायिक कार्यक्षमता में वृद्धि: न्यायाधीशों पर मुकदमों का कार्यभार संतुलित होगा, जिससे न्यायिक निर्णयों की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार होगा।
संविधान के अनुच्छेद 124(1) के तहत संसद को कानून बनाकर सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या तय करने या बढ़ाने का अधिकार प्राप्त है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2026 क्या है?

यह एक केंद्रीय अधिनियम है जिसके माध्यम से सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 में संशोधन करके भारत के उच्चतम न्यायालय में जजों की कुल स्वीकृत संख्या बढ़ाई गई है।

2. अब सुप्रीम कोर्ट में कुल कितने जज होंगे?

अब सुप्रीम कोर्ट में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) समेत कुल 38 न्यायाधीश होंगे (1 CJI + 37 अन्य न्यायाधीश)।

3. सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या कौन बढ़ा सकता है?

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 124(1) के तहत केवल भारत की संसद को ही कानून बनाकर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की शक्ति प्राप्त है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। कानून और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े नवीनतम अपडेट और आधिकारिक अधिसूचनाओं के लिए भारत सरकार या सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक पोर्टल का संदर्भ लें।
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