मुंबई | शुक्रवार, 21 अगस्त 2026
भारतीय बुनियादी ढांचे और औद्योगिक उत्पादन के लिए जुलाई 2026 का महीना सकारात्मक संकेत लेकर आया है। देश के प्रमुख 9 कोर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स के उत्पादन में सालाना आधार पर 5.4% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। यद्यपि जून 2026 में दर्ज की गई 6% की वृद्धि दर के मुकाबले यह थोड़ा धीमा पड़ा है, लेकिन समग्र रूप से यह औद्योगिक गतिविधियों में बनी निरंतर मजबूती को दर्शाता है।
जुलाई 2026 में बुनियादी उद्योगों का प्रदर्शन: प्रमुख आँकड़े
जुलाई महीने में बुनियादी ढांचा क्षेत्र के प्रदर्शन में खनन और विनिर्माण सामग्री का योगदान सबसे अहम रहा।
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आयरन ओर (Iron Ore): सबसे ज्यादा 29.5% की रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि देखी गई।
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सीमेंट (Cement): निर्माण गतिविधियों में तेजी के चलते 13.1% का उछाल आया।
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बिजली (Electricity): औद्योगिक ऊर्जा खपत बढ़ने से 9.0% की वृद्धि दर्ज हुई।
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कोयला (Coal): बिजली उत्पादन को संबल देते हुए 7.6% बढ़ा।
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स्टील (Steel): उत्पादन में 2.9% की बढ़ोतरी हुई।
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रिफाइनरी उत्पाद (Refinery Products): इसमें 2.7% का सुधार देखा गया।
चुनौतीपूर्ण क्षेत्र: कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और उर्वरक में गिरावट
जहाँ एक तरफ भारी उद्योगों और ऊर्जा से जुड़े क्षेत्रों ने अच्छा प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर ईंधन निष्कर्षण और कृषि-आपूर्ति से जुड़े क्षेत्रों में सुस्ती रही:
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उर्वरक (Fertilizers): उत्पादन में 8% की कमी दर्ज की गई।
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कच्चा तेल (Crude Oil): 5.3% की गिरावट दर्ज की गई।
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प्राकृतिक गैस (Natural Gas): 3.7% का संकुचन देखा गया।
अप्रैल-जुलाई (FY 2026-27) का संचयी प्रदर्शन
चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों (अप्रैल से जुलाई) की अवधि में कोर इंफ्रास्ट्रक्चर का संचयी उत्पादन 4.3% की दर से बढ़ा है। यदि इसकी तुलना पिछले वित्त वर्ष (2025-26) की समान अवधि से की जाए, तो तब यह वृद्धि दर मात्र 1.5% थी, जो इस बात का प्रमाण है कि चालू वित्त वर्ष में औद्योगिक आधार काफी मजबूत हुआ है।
इंडेक्स में ऐतिहासिक बदलाव: नया बेस ईयर 2022-23 और 9वां सेक्टर शामिल
कोर सेक्टर के आंकड़ों की गणना प्रणाली में हाल ही में एक बड़ा बदलाव किया गया है:
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नया आधार वर्ष (Base Year): सूचकांक का बेस ईयर बदलकर अब 2022-23 कर दिया गया है।
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आयरन ओर का समावेश: आयरन ओर को आधिकारिक तौर पर मुख्य सूची में शामिल कर लिया गया है।
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9 प्रमुख उद्योग: इस नए बदलाव के साथ ही अब कोर सेक्टर में ट्रैक किए जाने वाले प्रमुख उद्योगों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है।
निष्कर्ष
जुलाई 2026 में 5.4% की विकास दर यह स्पष्ट करती है कि भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण गतिविधियों की मांग धरातल पर मजबूत बनी हुई है। हालांकि, कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और उर्वरक उत्पादन में जारी कमजोरी आने वाले समय में नीतिगत ध्यान की आवश्यकता की ओर इशारा करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. जुलाई 2026 में भारत के कोर सेक्टर की वृद्धि दर कितनी रही?
उत्तर: जुलाई 2026 में भारत के कोर सेक्टर का उत्पादन सालाना आधार पर 5.4% बढ़ा।
Q2. कोर सेक्टर के आंकड़ों का नया बेस ईयर क्या है?
उत्तर: कोर सेक्टर सूचकांक का नया बेस ईयर बदलकर 2022-23 कर दिया गया है।
Q3. अब कोर सेक्टर में कुल कितने उद्योग शामिल हैं?
उत्तर: आयरन ओर को शामिल किए जाने के बाद अब कोर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कुल 9 प्रमुख उद्योग शामिल हैं।
Q4. जुलाई 2026 में किस सेक्टर में सबसे अधिक वृद्धि देखी गई?
उत्तर: आयरन ओर उत्पादन में सर्वाधिक 29.5% की वृद्धि दर्ज की गई।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख भारत के कोर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के जुलाई 2026 के आंकड़ों के विश्लेषण पर आधारित है। आर्थिक आंकड़े और सूचकांक सरकारी एजेंसियों (जैसे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय) द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के आधार पर संकलित किए गए हैं। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वित्तीय या निवेश निर्णय लेने से पूर्व आधिकारिक सरकारी डेटा का अवलोकन करें।
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