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भारत-रूस संबंध: मॉस्को में पुतिन से मिले एस. जयशंकर, 2030 तक $100 अरब व्यापार का रखा लक्ष्य

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मॉस्को में रूस-भारत द्विपक्षीय बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर और प्रतिनिधिमंडल
मॉस्को । मंगलवार, 25 अगस्त 2026
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपनी दो दिवसीय रूस यात्रा के दौरान मॉस्को में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत और रूस के बीच आर्थिक, रणनीतिक, और रक्षा सहयोग को नई दिशा देने पर सहमति बनी। विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व्यक्तिगत संदेश राष्ट्रपति पुतिन को सौंपा।
व्यापार में उछाल और $100 अरब का विजन
दोनों देशों के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 2021-22 के 13 अरब डॉलर से उछलकर 2025-26 में लगभग 60 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। दोनों पक्षों ने अब वर्ष 2030 तक व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
व्यापार घाटा कम करने की रणनीति
बढ़ते व्यापार के बीच भारत का व्यापार घाटा 50 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। इसे संतुलित करने के लिए भारत ने निम्नलिखित कदम उठाने पर जोर दिया:
  • रुसी बाजार में पहुंच: भारतीय फार्मा, कृषि और इंजीनियरिंग उत्पादों के लिए पहुंच बढ़ाना।
  • बाधाओं को हटाना: टैरिफ और गैर-टैरिफ (Non-tariff) व्यापारिक रुकावटों को समाप्त करना।
  • भुगतान व्यवस्था: सुलभ और मजबूत द्विपक्षीय भुगतान तंत्र विकसित करना।
उर्वरक, ऊर्जा और परमाणु सहयोग
क्षेत्र प्रमुख समझौते व चर्चा
उर्वरक (Fertilizers) पुतिन ने भारतीय कृषि की आवश्यकताओं हेतु निर्बाध उर्वरक आपूर्ति की प्रतिबद्धता जताई।
ऊर्जा व तेल कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की सतत आपूर्ति पर चर्चा जारी रही।
परमाणु ऊर्जा कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र और नई हाई-टेक परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाने पर सहमति।
आगामी शिखर सम्मेलन
जयशंकर ने पुतिन को बताया कि पीएम मोदी आगामी SCO शिखर सम्मेलन में उनसे मुलाकात को लेकर उत्सुक हैं। इसके अलावा, भारत में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में भी राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत किया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: एस. जयशंकर और पुतिन की बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत और रूस के बीच आर्थिक, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना तथा व्यापार घाटे को कम करना था।
Q2: भारत और रूस ने 2030 तक व्यापार का क्या लक्ष्य रखा है?
उत्तर: दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 100 अरब डॉलर पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
Q3: भारत का रूस के साथ व्यापार घाटा कितना है?
उत्तर: वर्तमान में भारत का रूस के साथ व्यापार घाटा 50 अरब डॉलर से अधिक है, जिसे कम करने के लिए भारतीय निर्यात बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख उपलब्ध आधिकारिक बयानों और रिपोर्टों के आधार पर केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। किसी भी व्यावसायिक या कूटनीतिक निर्णय के लिए आधिकारिक सरकारी स्रोतों का संदर्भ लें।
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