नई दिल्ली । गुरुवार, 27 अगस्त 2026
नेपाल और चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत के सीमावर्ती इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए लगभग 200 भारतीय नागरिक तिब्बत क्षेत्र में फंस गए हैं। इसके अतिरिक्त, नेपाल के विभिन्न हिस्सों में यात्रा पर गए पर्यटकों, श्रद्धालुओं और स्थानीय जलविद्युत परियोजनाओं में कार्यरत भारतीय श्रमिकों से भी संपर्क टूटने की खबरें आ रही हैं।
भूस्खलन और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचा बना चुनौती
बाढ़ और भूस्खलन के कारण सीमावर्ती इलाकों को जोड़ने वाले मुख्य राजमार्ग, मोटर पुल और संचार नेटवर्क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। भोटे कोशी और त्रिशूली जैसी नदियाँ उफान पर हैं, जिससे नेपाल और तिब्बत के बीच भू-संपर्क पूरी तरह कट गया है। नेटवर्क टावर ध्वस्त होने के कारण फंसे हुए यात्रियों के अपने परिजनों से संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के 14 नागरिक लापता, परिजनों में बढ़ी चिंता
इस प्राकृतिक आपदा में उत्तर प्रदेश के 14 नागरिकों के लापता होने की पुष्टि हुई है, जिससे उनके परिजनों की चिंता गहरा गई है। परिजन लगातार स्थानीय प्रशासन और संबंधित दूतावास के संपर्क में हैं। भारत सरकार और विदेश मंत्रालय (MEA) नेपाल और चीन के अधिकारियों के साथ मिलकर लापता लोगों का पता लगाने और प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत सामग्री पहुँचाने के प्रयास में जुटे हुए हैं।
बचाव और राहत कार्य तेज़
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हवाई और ड्रोन सर्वे: सड़के बंद होने के कारण दुर्गम इलाकों में फँसे लोगों को एयरलिफ्ट करने के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं और निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।
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सुरक्षित निकासी: तिब्बत क्षेत्र में फंसे यात्रियों को पहले सुरक्षित शिविरों में शिफ्ट किया जा रहा है और स्थिति सामान्य होने पर उन्हें नेपाल के रास्ते भारत वापस लाने की प्रक्रिया जारी है।
आपातकालीन सहायता एवं हेल्पलाइन (Emergency Contacts)
नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने प्रभावित यात्रियों और उनके परिवारों की सहायता के लिए 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित कर आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
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दूतावास हेल्पलाइन नंबर:
+977 985 131 6807/+977 970 910 7500
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: तिब्बत और नेपाल में कितने भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं?
उत्तर: कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए लगभग 200 भारतीय नागरिक तिब्बत क्षेत्र में फंसे हैं। इसके अलावा नेपाल में कई पर्यटक और जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले भारतीय संपर्क से बाहर हैं।
Q2: क्या उत्तर प्रदेश के लापता नागरिकों का सुराग मिला है?
उत्तर: उत्तर प्रदेश के 14 नागरिक वर्तमान में लापता बताए जा रहे हैं। संचार व्यवस्था ध्वस्त होने के कारण उनसे संपर्क साधने में देरी हो रही है, हालांकि बचाव दल उनकी खोज में लगातार लगे हैं।
Q3: आपात स्थिति में भारतीय दूतावास से संपर्क कैसे करें?
उत्तर: काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के आपातकालीन नंबर
+977 985 131 6807 या +977 970 910 7500 पर कॉल करके फंसे हुए लोगों की जानकारी दी जा सकती है।अस्वीकरण (Disclaimer)
यह समाचार रिपोर्ट उपलब्ध प्राथमिक जानकारियों और बचाव एजेंसियों द्वारा साझा की गई रिपोर्टों पर आधारित है। बाढ़ व प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति लगातार बदल रही है, जिससे लापता लोगों और सुरक्षित निकाले गए यात्रियों के आंकड़ों में संशोधन हो सकता है। ताजा अपडेट के लिए आधिकारिक सरकारी बुलेटिनों पर नज़र रखें।
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