
मड़ावरा । गुरुवार, 27 अगस्त 2026
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर मड़ावरा विकास खण्ड परिसर में एक भव्य ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में युवाओं की व्यापक भागीदारी देखने को मिली, जहाँ राष्ट्र निर्माण, सामाजिक जिम्मेदारियों और वर्तमान समय की डिजिटल चुनौतियों पर गहन चर्चा हुई।
ज्ञान, कौशल, विवेक और सेवा ही सफलता का मूल मंत्र
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचार प्रमुख मनोज टाटा जी ने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए कहा कि भारत एक नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है और इसका भविष्य पूरी तरह से युवा पीढ़ी के हाथों में है। उन्होंने जोर देकर कहा:
“भारत का भविष्य ऐसे युवाओं से बनेगा जो ज्ञान, कौशल, विवेक और सेवा को अपने जीवन का आधार बनाएंगे। भौतिकवादी परिवेश में युवाओं के सामने कई चुनौतियाँ हैं, लेकिन सकारात्मक दृष्टिकोण और भारतीय संस्कृति के संस्कारों को अपनाकर हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।”
उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि भारत सदैव समावेशी सोच और सभी के सम्मान की भावना वाली संस्कृति का ध्वजवाहक रहा है।
सोशल मीडिया की लत और भौतिकवाद पर सीधी बात
संवाद सत्र के दौरान उपस्थित विद्यार्थियों एवं युवाओं ने व्यावहारिक जीवन से जुड़े कई प्रश्न पूछे। युवाओं की प्रमुख जिज्ञासाएँ निम्नलिखित विषयों पर थीं:
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पारिवारिक व्यवस्था एवं संस्कार: आधुनिकता के दौर में माता-पिता और परिवार का महत्व।
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तकनीक व सोशल मीडिया: स्मार्टफोन और सोशल मीडिया की बढ़ती लत से बचाव।
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सामाजिक दायित्व: राष्ट्र के प्रति युवाओं का प्रत्यक्ष योगदान।
मनोज टाटा जी ने युवाओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए स्पष्ट किया कि तकनीक प्रगति के लिए एक बेहतरीन साधन है, लेकिन हमें इसका इस्तेमाल विवेकपूर्ण ढंग से करना चाहिए। तकनीक का अनावश्यक प्रभाव और लत युवाओं के मानसिक व बौद्धिक विकास को प्रभावित करती है।
अधिकारों के साथ कर्तव्यों का ज्ञान भी जरूरी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे खण्ड कार्यवाह डॉ. शिवकरन जी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि युवाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ-साथ अपने नागरिक कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी समझना होगा। शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक सहभागिता के जरिए ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।
देशभक्ति के माहौल में संपन्न हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम का शुभारंभ ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन से हुआ तथा समापन ‘राष्ट्रगान’ के साथ किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन खण्ड विद्यार्थी प्रमुख राजवीर गन्धर्व जी ने किया।
इस अवसर पर खण्ड प्रचारक नीलेश जी, खण्ड शारीरिक प्रमुख सत्या जी, धर्मदीप रावत जी, अतिशय जैन जी, रामनरेश सुडेले जी, मुकेश पाल जी, लखन कुशवाहा जी, लखन तिवारी जी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएँ मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. मड़ावरा में युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किस अवसर पर किया गया?
उत्तर: यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।
Q2. कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में किसने युवाओं को संबोधित किया?
उत्तर: संघ के विभाग प्रचार प्रमुख मनोज टाटा जी ने मुख्य वक्ता के रूप में युवाओं से सीधा संवाद किया और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए।
Q3. मनोज टाटा जी ने युवाओं को तकनीक के उपयोग पर क्या सलाह दी?
उत्तर: उन्होंने युवाओं को तकनीक और मोबाइल का उपयोग केवल एक उपयोगी साधन के रूप में करने तथा इसकी अनावश्यक लत से बचने का संदेश दिया।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख 27 अगस्त 2026 को मड़ावरा (उत्तर प्रदेश) में आयोजित संघ के युवा संवाद कार्यक्रम पर आधारित एक समाचार विवरण है। इसका उद्देश्य सूचनात्मक एवं जन-जागरूकता फैलाना है।
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