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18 सरकारी विभागों में 17 हजार कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति गायब, उठे बड़े सवाल

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लखनऊ । बुधवार, 26 अगस्त 2026
राज्य सरकार द्वारा प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने और कर्मचारियों की नियमितता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई बायोमेट्रिक अटेंडेंस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालिया समीक्षा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि राज्य के 18 प्रमुख सरकारी विभागों में करीब 17,000 कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं हो रही है
यह मामला केवल तकनीकी विफलता का नहीं, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर निगरानी की भारी चूक को भी दर्शाता है।

बायोमेट्रिक व्यवस्था का उद्देश्य और वर्तमान विफलता

डिजिटल इंडिया और सुशासन की दिशा में कदम उठाते हुए सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों के आने और जाने का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड रखने के लिए बायोमेट्रिक पंचिंग अनिवार्य की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य:
  • कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति (Punctuality) सुनिश्चित करना।
  • बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना।
  • कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करना।
हालांकि, 17 हजार कर्मचारियों की उपस्थिति प्रणाली से न जुड़ पाने के कारण इस महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

निगरानी व्यवस्था में खामियां और अधिकारियों की ढिलाई

रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न विभागों में उपस्थिति ट्रैकिंग सिस्टम की नियमित ऑडिटिंग नहीं की जा रही थी। कई स्थानों पर मशीनों के खराब होने की शिकायतें थीं, तो कुछ जगहों पर कर्मचारियों द्वारा डिजिटल सिस्टम को नजरअंदाज कर पारंपरिक रजिस्टरों पर ही निर्भर रहने की बात सामने आई है।

सख्त कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग

इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों का डिजिटल रिकॉर्ड गायब होने के बाद विभागीय स्तर पर हड़कंप मच गया है। मुख्य बिंदु जिन पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है:
  1. अधिकारियों से स्पष्टीकरण: संबंधित 18 विभागों के अध्यक्षों से बायोमेट्रिक रिकॉर्ड न मिलने पर जवाब तलब किया जाए।
  2. तकनीकी सुदृढ़ीकरण: जिन कार्यालयों में बायोमेट्रिक डिवाइस खराब हैं, उन्हें तुरंत दुरुस्त किया जाए।
  3. वेतन से जुड़ाव: उपस्थिति दर्ज न कराने वाले कर्मचारियों के वेतन रोके जाने या विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी जाए।
डिजिटल उपस्थिति का प्रभावी क्रियान्वयन ही सरकारी कार्यालयों की छवि और कार्यकुशलता में सुधार ला सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. बायोमेट्रिक अटेंडेंस का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों के आगमन और प्रस्थान का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड रखना, समय की पाबंदी सुनिश्चित करना और पारदर्शिता लाना है।
Q2. कितने विभागों और कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज नहीं हुई है?
उत्तर: राज्य के 18 सरकारी विभागों के लगभग 17,000 कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज न होने का मामला सामने आया है।
Q3. इस लापरवाही पर क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
उत्तर: विभागीय समीक्षा की जा रही है और संबंधित अधिकारियों से जवाबदेही तय कर तकनीकी व प्रशासनिक खामियों को दूर करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख उपलब्ध प्राथमिक रिपोर्टों और समाचार विवरणों के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य केवल प्रशासनिक व्यवस्था और डिजिटल उपस्थिति प्रणाली पर सूचनात्मक विश्लेषण प्रदान करना है।
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