शनिवार, सितंबर 19 2026 | 02:06:55 PM

लाइब्रेरी से समाज में बड़ा बदलाव आ रहा है : नरेंद्र मोदी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 116वें एपिसोड में गोपालगंज की लाइब्रेरी का जिक्र किया। मन की बात कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लाइब्रेरी से समाज में बड़ा बदलाव आ रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पुस्तकें छात्रों के काम आ रही है। उन्होंने छात्रों से किताबों से दोस्ती करने के लिए प्रेरित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि किताबों से दोस्ती बढ़ाने में जीवन में बड़ा बदलाव आएगा।

लाइब्रेरी छात्रों के जीवन में बड़ा बदलाव

साथ ही अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि गोपालगंज में लाइब्रेरी खुलने से आसपास के कई गांवों में चर्चा होने लगी है। लाइब्रेरी खुलने से आसपास के 12 गांवों के युवा भी पुस्तकें पढ़ने के लिए पहुंच रहे हैं। गोपालगंज के 12 गांव के छात्रों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने लाइब्रेरी के प्रति छात्रों का रुझान बढ़ाया। उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी छात्रों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है।

ड्रीम प्रोजेक्ट में शहर का लाइब्रेरी शामिल

गोपालगंज के जिला शिक्षा कैंपस में स्थित केंद्रीय पुस्तकालय में अब दिन प्रतिदिन  छात्रों का रुझान बढ़ रहा है। यहां पर 100 सीट हैं लेकिन आज कल सीटों से अधिक छात्र हर रोज पुस्तक पढ़ने के लिए आते हैं। छात्रों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाइब्रेरी के बारे में चर्चा किए जाने पर खुशी जाहिर की है। वहीं, दूसरी तरफ गोपालगंज के जिला पदाधिकारी प्रशांत कुमार सीएच का भी ड्रीम प्रोजेक्ट में शहर का लाइब्रेरी शामिल है।

साभार : अमर उजाला

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

 

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।