पटना |
बिहार में नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य के 12 प्रमुख जिलों में 22 लाख से अधिक लोग इस प्राकृतिक आपदा से सीधे प्रभावित हुए हैं। पटना और आसपास के क्षेत्रों में गंगा सहित कई सहायक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास या ऊपर बह रहा है, जिससे निचले इलाकों में भारी जलभराव हो गया है।
प्रभावित जिले और गंगा का बढ़ता जलस्तर
गंगा, गंडक, कोशी और घाघरा जैसी प्रमुख नदियों में पानी का प्रवाह तेज होने से तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित 12 जिले:
- पटना
- भोजपुर
- सारण
- वैशाली
- भागलपुर
- बेगूसराय
- बक्सर
- समस्तीपुर
- मुंगेर
- कटिहार
- लखीसराय
- अरवल
प्रशासन ने पटना, हाथीदह और भागलपुर जैसे संवेदनशील इलाकों के तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह के कटाव को तुरंत रोका जा सके।
राहत एवं बचाव अभियान: ग्राउंड जीरो की स्थिति
राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर कदम उठाए गए हैं:
- 190 सामुदायिक रसोई (Community Kitchens): शरण स्थलों और ऊंचे स्थानों पर रह रहे लोगों को पका हुआ पौष्टिक भोजन देने के लिए 190 रसोइयां लगातार संचालित हो रही हैं।
- NDRF एवं SDRF की तैनाती: आपातकालीन बचाव कार्यों के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य आपदा मोचन बल की कई टीमें तैनात हैं।
- 1,400+ नावें और बोट एम्बुलेंस: जलमग्न इलाकों से सुरक्षित निकलने और चिकित्सा सहायता के लिए 1,400 से अधिक मोटरबोट्स व साधारण नावें चलाई जा रही हैं।
- 170+ मेडिकल व पशु राहत शिविर: संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य शिविरों के साथ-साथ पशुओं के चारे व इलाज के लिए विशेष केंद्र बनाए गए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. बिहार में बाढ़ से कौन-कौन से जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं?
उत्तर: पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय और अरवल जिला बाढ़ से प्रभावित हैं।
Q2. बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रशासन की क्या व्यवस्थाएं हैं?
उत्तर: प्रशासन ने 190 सामुदायिक रसोई, 170 से अधिक मेडिकल व पशु राहत शिविर, पेयजल आपूर्ति और NDRF/SDRF की टीमों के जरिए बचाव कार्य सुनिश्चित किया है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख उपलब्ध आधिकारिक विवरणों और आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों पर आधारित है। बाढ़ की स्थिति और नदियों के जलस्तर में निरंतर बदलाव हो सकता है।

