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न्यूजक्लिक के पत्रकारों ने अपनी गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. न्यूजक्लिक मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। न्यूजक्लिक के एडिटर इन चीफ प्रबीर पुरकायस्थ और एचआर हेड अमित चक्रवर्ती की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। इनके खिलाफ दिल्ली पुलिस ने यूएपीए के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस की गिरफ्तारी को वैलिड करार दिया था जिसके बाद यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच के सामने याची की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल पेश हुए और कहा कि मामले में सुनवाई की जरूरत है। याचिकाकर्ता जर्नलिस्ट हैं और वह 75 साल के हैं। मामले में सुनवाई की दरकार है। सुप्रीम कोर्ट ने याची के वकील से कहा कि वह याचिका की कॉपी सर्कुलेट करें हम सुनवाई के लिए मामले को देखते हैं।

सिब्बल ने कहा कि यह मामला जर्नलिस्ट से जुड़ा हुआ है और वह पुलिस कस्टडी में हैं। सिब्बल ने कहा कि एक आरोपी 75 साल के हैं। गौरतलब है कि मामले में 13 अक्टूबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने इनकी अर्जी खारिज कर दी थी और पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी को वैलिड कर दिया था। स्पेशल सेल ने दोनों को 3 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। दोनों की ओर से पुलिस की गिरफ्तारी और 7 दिन की पुलिस रिमांड को चुनौती दी गई थी। बाद में 10 अक्टूबर को निचली अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया था। मौजूदा मामले में पुलिस ने यूएपीए के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस का आरोप है कि देश के खिलाफ प्रोपगेंडा फैलाने के लिए चीन की फंडिंग हुई है। पुलिस की एफआईआर में कहा गया है कि देश के खिलाफ यह एडेंडा चलाया गया है और इसमें आरोपियों ने साजिश रची है।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।