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प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अब तक 1.5 करोड़ भक्तों ने किये रामलला के दर्शन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. अयोध्या राम मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में राम भक्त भगवान श्री राम के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं. रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से डेढ़ करोड़ श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर चुके हैं. हर दिन यहां पर एक लाख से ज्यादा भक्त अयोध्या पहुंच रहे हैं. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस बात की जानकारी दी है. चंपत राय ने कहा कि, “अयोध्या राम मंदिर में हर दिन एक लाख से अधिक लोग दर्शन के लिए आते हैं. 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से लगभग 1.5 करोड़ लोग भगवान के दर्शनों के लिए आए हैं.”

रोजाना बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं भक्त

राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार यहां राम नवमी का त्योहार धूमधाम के साथ मनाया गया था. इस उत्सव के लिए रामनगरी में भव्य तैयारियां की गईं थी. ये उत्सव बेहद अद्भुत और अविस्मरणीय रहा था. इस दिन भगवान रामलला को भव्य श्रृंगार किया गया और प्रभु ने सोने का मुकुट पर पीतांबर में भक्तों को दर्शन दिए.

ये उत्सव इसलिए और बेहद अद्भुत हो गया था क्योंकि इस अवसर पर पांच मिनट के लिए सूर्य की किरणों ने पांच मिनट तक सूर्यवंश के ‘सूर्य’ का ‘सूर्य तिलक’ किया. इन तस्वीरों को दुनिया भर में टीवी के माध्यम से देखा गया. ख़ुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने चौपर में रामलला के सूर्य तिलक की तस्वीरें देखते हुए दिखाई दिए. इस सूर्य तिलक में विज्ञान और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला था.

रामनवमी पर राम मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया था, इस खास असर पर बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे थे, सुबह साढ़े तीन बजे से ही रामलला के दर्शनों के लिए मंदिर में कतारें लगना शुरू हो गईं थीं. कहते हैं कि त्रेता युग में जब प्रभु राम ने अवतार लिया था तो उस दौरान भगवान सूर्य देव एक महीने तक अयोध्या में रुके थे.

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साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।