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रणदीप सुरजेवाला ने कांग्रेस व आम आदमी पार्टी गठबंधन पर जताई आपत्ति

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

चंडीगढ़. हरियाणा में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई। राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार भी तेज कर दिया। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच गठबंधन की अटकलें लगाई जा रही थीं। आप से गठबंधन की संभावना को लेकर कांग्रेस ने अबतक उम्मीदवारों की लिस्ट भी जारी नहीं की। इस बीच खबर आ रही है कि आप हरियाणा में कांग्रेस से अलांयस करने के मूड में नहीं है। पार्टी का कुछ और ही प्लान है।

50 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयार में AAP

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और आप ने हरियाणा में एक साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। सूत्रों का कहना है कि विधानसभा चुनाव में आप और कांग्रेस का गठबंधन टूटने के कगार पर है। आम आदमी पार्टी 90 में से 50 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। AAP रविवार को उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर सकती है। कांग्रेस और भाजपा के कई नाराज नेता आप में शामिल हो सकते हैं, जिन्हें पार्टी चुनावी मैदान में उतार सकती है।

गठबंधन पर क्या बोले रणदीप सुरजेवाला?

कांग्रेस और आप के बीच दरार को लेकर आ रही खबरों के बीच कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि बिना आप के भी कांग्रेस हरियाणा चुनाव लड़ने में सक्षम है। इस दौरान उन्होंने कहा कि वे भी सीएम बनना चाहते हैं। उनके इस बयान ने साफ कर दिया कि कांग्रेस और आप में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। दोनों पार्टी अलग-अलग चुनाव लड़ सकती है। हालांकि, इसे लेकर अभी तक किसी भी पार्टी की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

राहुल गांधी के प्लान पर AAP ने फेरा पानी

इंडिया गठबंधन के तहत कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ आवाज उठाई थी। पहले खबर आई थी कि सीएम अरविंद केजरीवाल ने 10 सीटों की मांग थी, लेकिन कांग्रेस 7 सीटें देने के लिए तैयार थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कांग्रेस सीईसी की बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आप से गठबंधन की संभावना तलाशने की बात कही थी।

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साभार : न्यूज़24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।