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हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी ने जारी की दूसरी लिस्ट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए 9 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है. आप ने बीजेपी-कांग्रेस के बागी नेताओं को उम्मीदवार बनाया है. बरवाला से बीजेपी के बागी छत्रपाल सिंह को मैदान में उतारा गया है. थानेसर से बीजेपी के बागी कृष्ण बजाज और बावल से कांग्रेस के बागी जवाहर लाल को टिकट दिया गया है. वहीं साढौरा सीट से रीटा बामणिया, इंद्री से हवा सिंह, रतिया से मुख्यतियार सिंह बाजीगर, आदमपुर से भूपेंद्र बेनीवाल, फरीदाबाद से प्रवेश मेहता और तिगांव से आभाष चंदेला को टिकट दिया गया है.

जवाहर लाल बीजेपी की टिकट पर लड़ चुके हैं चुनाव

बावल से कांग्रेस के बागी जवाहर लाल ने 2009 में बीजेपी की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में उनकी हार हुई थी. इसके बाद वे कांग्रेस में चले गए और करीब 14 साल तक पार्टी के साथ रहे. लेकिन, कांग्रेस से इस बार टिकट मिलने की संभावना नहीं दिखी तो वे आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए. AAP ने बावल से टिकट दिया है.

कुरूक्षेत्र में बीजेपी के सबसे पुराने चेहरे थे कृष्ण बजाज

कृष्ण बजाज कुरूक्षेत्र में बीजेपी के सबसे पुराने चेहरे रहे हैं. करीब 45 साल तक बीजेपी से राजनीति कर चुके हैं. इस बार उन्हें टिकट नहीं मिला तो वे आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए. पार्टी ने उन्हें थानेसर से उम्मीदवार बनाया है.

चौधरी देवीलाल को हरा चुके है छत्रपाल सिंह

वहीं पूर्व मंत्री प्रो. छत्रपाल सिंह सोमवार को ही आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे. उन्होंने बीजेपी पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ी थी. वे 1991 के विधानसभा चुनाव में चौधरी देवीलाल को हरा चुके हैं. छत्रपाल सिंह को AAP ने बरवाला सीट से मैदान में उतारा है.

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हवा सिंह BSP की टिकट पर लड़ चुके हैं चुनाव

वहीं इंद्री से हवा सिंह को आम आदमी पार्टी ने प्रत्याशी बनाया है. वे 20 साल से राजनीति में हैं. 2019 में उन्होंने BSP की टिकट पर चुनाव लड़ा था. लेकिन, हार गए थे. इसके बाद 2022 में वे आम आदमी पार्टी में आ गए.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।