शनिवार, सितंबर 19 2026 | 04:01:18 AM

दिल्ली के प्रशांत विहार में हुआ धमाका, मिला सफेद पाउडर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली के रोहिणी के प्रशांत विहार इलाके में एक स्कूटर में जोरदार धमाका हुआ है। धमाके से इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इलाके में धमाके की तेज आवाज सुनी गई है। जानकारी के अनुसार, आज सुबह 11.48 बजे पुलिस को प्रशांत विहार इलाके से विस्फोट की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि मिठाई की दुकान के पास एक स्कूटर में जोरदार धमाका हुआ है। अभी किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मौके पर सफेद पाउडर जैसी चीज मिलने की सूचना है। फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया है, इसके बाद ही स्पष्ट होगा। विस्फोट स्थल पर एनएसजी कमांडो और डॉग स्क्वायड पहुंच गई है।

सीआरपीएफ स्कूल की दीवार में 20 अक्तूबर को हुआ था धमाका

इससे पहले, रोहिणी के प्रशांत विहार इलाके में ही 20 अक्तूबर को धमाका हुआ था। सीआरपीएफ स्कूल की दीवार में यह धमाका हुआ था। सुबह में हुए धमाके के बाद ही आसपास के कई लोगों की नींद खुली। धमाका इतना जोरदार था कि करीब एक से दो किलोमीटर तक इसकी आवाज सुनी गई थी। आसपास के क्षेत्रों में 10 मिनट तक धुआं छाया रहा। कई गाड़ियों और दुकानों के शीशे टूट गए। गनीमत रही कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। धमाके से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के स्कूल की दीवार में बड़ा होल हो गया था। बम धमाके में विस्फोटक का उपयोग किया गया था। घटनास्थल पर काफी मात्रा में सफेद पाउडर बिखरा मिला था। विस्फोट के कारण स्कूल की बाउंड्री वॉल में छेद होने के साथ ही सीआरपीएफ स्कूल के सामने की दुकानों के खिड़की के शीशे और साइनबोर्ड भी टूट गए थे। धमाके के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) समेत केंद्रीय एजेंसियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। इस दौरान, साइट के पास एक सफेद पाउडर बिखरा हुआ पाया गया था।

साभार : अमर उजाला

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

- Advertisement -

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।