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दक्षिण कोरिया के विमान हादसे में सवार 174 लोगों की मौत, 2 की जान बची

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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सियोल. दक्षिण कोरिया में बोइंग बोइंग 737-800 का एक विमान मुआन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हादसे का शिकार हो गया. जेजू एयरलाइन का यह विमान बैंकॉक से दक्षिण कोरिया वापस आ रहा था. मुआन एयरपोर्ट पर लैंड करते ही विमान रनवे से फिसलकर बाउंड्री वॉल से टकरा गया, जिसके बाद इस विमान में आग लगी. इस विमान में 175 यात्री और छह क्रू मेंबर सवार थे.

इस विमान हादसे में सबकुछ खत्म हो गया. योनहाप न्यूज एजेंसी के मुताबिक, विमान में सवार 181 लोगों में से 174 की मौत अब तक हो चुकी है और यह संख्या लगातार बढ़ रही है. हालांकि, हादसे में 2 यात्री बच भी गए, जिन्हें रेस्क्यू किया गया है. बोइंग का यह विमान क्रैश होते ही आग के गोले में तब्दील हो गया. हादसे के बाद आसमान में धुएं का गुबार छा गया.

मुआन एयरपोर्ट पर कैसे हुआ यह हादसा?

बताया जा रहा है कि लैंडिंग गियर में समस्या आने के बाद एयरपोर्ट पर यह विमान हादसा हुआ है. लैंडिंग के बाद विमान रनवे पर कुछ दूरी तय की इसके बाद वह रनवे से फिसल गया और फिर एयरपोर्ट के बाउंड्री वॉल से टकरा गया. इसके बाद विमान में भयानक आग लग गई. इसके बाद पूरे एयरपोर्ट पर अफरा तफरी मच गई. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम फौरन पहुंची. बचाव दल ने यात्रियों को विमान के पिछले हिस्से से बाहर निकाला है. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. हादसे की जांच की जा रही है.

मुआन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बारे में जानें

दक्षिण कोरिया का मुआन एयरपोर्ट एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट है. यह एयरपोर्ट दक्षिण कोरिया के जिओला प्रांत में स्थित है. इस एयरपोर्ट का निर्माण 1997 में शुरू हुआ था और यह 2007 में बनकर पूरी तरह तैयार हुआ. इस साल इस एयरपोर्ट को खोला गया. विमानों की आवाजाही शुरू हुई. मुआन एयरपोर्ट ने मोकपो एयरपोर्ट की जगह ले ली है और आने वाले समय यह पास के ग्वांगजू हवाई अड्डे की भी जगह ले लेगा. मुआन इंटरनेशनल एयरपोर्ट का मैनेटमेंट कोरिया एयरपोर्ट कॉर्पोरेशन द्वारा किया जाता है. 2019 में इस एयरपोर्ट पर पैसेंजर की क्षमता 895,410 थी. इस हवाई अड्डे पर फिलहाल 1484 विमानों का संचालन होता है. इसके अलावा 2,724 कार्गो फ्लाइट भी चलती है.

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साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।