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सरकारी जमीन पर बनी कुशीनगर की मदनी मस्जिद पर प्रशासन ने चलाया बुलडोजर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. हाईकोर्ट के स्थगन आदेश की समय-सीमा बीतते ही प्रशासन ने कुशीनगर के चर्चित मदनी मस्जिद को गिराने की कार्रवाई रविवार को शुरू कर दी। पांच बुलडोजर लगाकर सरकारी भूमि में हुए निर्माण को गिराया जा रहा है। एहतियातन शांति व्यवस्था को लेकर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं। सीओ कसया कुंदन कुमार सिंह के नेतृत्व में 10 थानों की पुलिस व एक प्लाटून पीएसी मौके पर तैनात है। मस्जिद पक्ष के लोगों ने हाईकोर्ट इलाहाबाद में याचिका दाखिल कर प्रशासनिक कार्रवाई पर रोक लगाए जाने की मांग की थी। जिस पर हाईकोर्ट ने आठ जनवरी तक का स्थगन आदेश दिया था।

हाटा के करमहा तिराहा के समीप 2002 से बन रही चार मंजिला मदनी मस्जिद के निर्माण का मामला 17 दिसंबर 2024 को तब चर्चा में आया, जब हिंदूवादी भाजपा नेता रामबचन सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत कर कहा कि सरकारी भूमि पर कब्जा कर हाटा में एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद का निर्माण कराया जा रहा है। पैमाइश हुई तो पता चला कि छह डिसमिल सरकारी भूमि पर भी कब्जा कर इसका निर्माण किया जा रहा है।

प्रशासन ने इस पर रोक लगा दी और आठ दिन की जांच के बाद रिपोर्ट शासन को भेज दी। इधर नगरपालिका हाटा ने भी निर्माण को लेकर नक्शा तलब किया, जिसे सात दिन पूर्व ही पक्षकारों ने प्रस्तुत किया है। अभी नक्शे को लेकर जांच चल ही रही थी कि पुलिस को मस्जिद निर्माण में प्रयोग किए जा रहे धन व अन्य पहलुओं को लेकर बात खटकी तो बीते 25 जनवरी को मस्जिद पक्ष के जाकिर, शाकिर, जाफर सहित निर्माण समिति के अन्य सदस्यों के विरुद्ध राष्ट्र विरोधी गतिविधि, लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच का दायरा बढ़ा दिया।

स्थानीय प्रशासन ने मस्जिद पक्ष के लोगों को नेाटिस जारी कर सरकारी भूमि पर हुए निर्माण हटाने को कहा गया। पक्षकारों की ओर से उस दिन चहारदीवारी तो गिरा ली गई, लेकिन सरकारी भूमि में हुए भवन निर्माण को नहीं हटाया। कार्रवाई से बचने के लिए हाईकोर्ट इलाहाबाद में याचिका दाखिल कर दी। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने आठ जनवरी 2025 तक के लिए स्थगन आदेश दिया था। हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश की समय सीमा बीतते ही 10 थानों की पुलिस व एक प्लाटून पीएसी संग पहुंचे सीओ कसया कुंदन सिंह ने अवैध निर्माण को ध्वस्त कराने की कार्रवाई शुरू कर दी।

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साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।