लोड हो रहा है...

शुरू हुआ एयरो इंडिया, दिखेंगे देश-विदेश के फाइटर जेट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

बेंगलुरु. आज से बेंगलुरु में एशिया का सबसे बड़े एयर-शो यानी एयरो इंडिया 2025 की शुरुआत हो रही है. रक्षामंत्री राजनाथ इस एयर-शो का उद्घाटन करेंगे. पहली बार अमेरिका और रूस जैसे दो बड़े देशों के पांचवीं पीढ़ी के फाइटर एयरक्राफ्ट एयर-शो में दिखेंगे. रूस का सुखोई-57 (Su-57)  फाइटर एयरक्राफ्ट भी एयर-शो में शामिल किया गया है. रूस के सुखोई-57 के साथ ही अमेरिका का F-35 को भी एयरो इंडिया में जगह दी गई है. 10-14 फरवरी तक यह शो चलेगा. पहले दिन एयरो इंडिया में भारतीय वायुसेना के एयरक्राफ्ट 13 अलग अलग फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे.

एक फॉर्मेशन का होगा, जिसमें खुद वायुसेना प्रमुख उड़ान भरेंगे. इसी तर्ज पर एक शक्ति फॉर्मेशन होगा जिसमें एक राफेल जेट और दो सुखोई फाइटर जेट होंगे. इस फॉर्मेशन को महिला फाइटर पायलट फ्लाई करेंगी. रविवार को एयरफोर्स चीफ और आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने येलहंका एयरफोर्स स्टेशन से LCA तेजस में उड़ान भरी थी. पिछले एयरो इंडिया 2023 में कुल 67 फ्लाईंग डिस्प्ले थे, इस बार 70 से ज्यादा फ्लाईंग डिस्प्ले होंगे. पिछली बार 23 स्टेटिक डिस्प्ले थे, इस बार 30 से ज्यादा होंगे. डिफेंस मिनिस्टर्स कॉन्क्लेव में 80 से ज्यादा देशों की हिस्सेदारी होगी, जिसमें 26 देशों के डिफेंस मिनिस्टर खुद शामिल होंगे.

कब-कहां और कैसे लाइव देखें बेंगलुरु एयरो इंडिया 2025

एयरो इंडिया 2025 की टिकट भारतीयों के लिए 2500 हजार रुपये में उपलब्‍ध है. हालांकि बिजनेस पास के लिए पांच हजार रुपये चुकाने होंगे. इसी तर्ज पर विदेशी लोग 50 अमेरिकी डॉलर का भुगतान कर बेंगलुरु में एयरो इंडिया 2025 का लुफ्त उठा सकते हैं. एयर-शो का आयोजन इन 5 दिनों के दौरान सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक होगा. टिकट की बुकिंग एयरो इंडिया की वेबसाइट ataeroindia.gov.in. के माध्‍यम से की जा सकती है. 10 से 12 फरवरी यानी पहले तीन दिन बिजनेस विजिटर के लिए एयर-शोर उपलब्‍ध रहेगा. इसके बाद 13 और 14 फरवरी को इसे आम लोगों के लिए एयरो इंडिया 2025 खोल दिया जाएगा. एयर-शो की लोकेशन बेंगलुरू शहर से लगभग 25 किमी दूर केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित है.

साभार : न्यूज18

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें 

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) 

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।