गुरुवार, सितंबर 17 2026 | 11:51:17 PM

सपा सांसद रामजीलाल सुमन के घर पर हमला मामले में दो एफआईआर दर्ज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश स्थित आगरा में समाजवादी पार्टी सांसद रामजीलाल सुमन के घर तोड़फोड़ के प्रकरण में दो एफआईआर दर्ज हुई है. एक एफआईआर सांसद के बेटे और दूसरी पुलिस ने दर्ज कराई गहै.  राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के आवास पर बवाल के बाद थाना हरी पर्वत पर मुकदमा दर्ज हुआ है. सांसद रामजीलाल के बेटे ने घर में तोड़फोड़ एवं लूट का मुकदमा दर्ज  कराया है. रणदीप सुमन ने बताया कि अनियंत्रित भीड़ ने जान से मारने की नीयत से हमला  किया. जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए सुनियोजित हमला  किया. FIR में गाड़ी के शीशे तोड़कर पर्स, नगदी एवं सामान लूटने की बात कही गई है. उपद्रव के दौरान रामजीलाल सुमन के कई समर्थकों को चोट भी आई है. उधर  पुलिस द्वारा  ओकेंद्र राणा के नामजद व कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है. रामजीलाल सुमन के द्वारा राणा सांगा पर दिए गए बयान के बाद राजपूत समाज में आक्रोश था.

सुमन के खिलाफ एमपी एमएलए कोर्ट में वाद दायर

उधर, राणा सागर पर दिए विवादित बयान पर रामजीलाल सुमन के विरुद्ध अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा (भारत)के राष्ट्रीय महासचिव दलबीर सिंह तोमर ने एमपी एमएलए कोर्ट में वाद दायर किया है. दलबीर सिंह तोमर ने सपा सांसद के बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा सदन में दिए गए बयान से पूरे हिंदू समाज को ठेस पहुंची है. इस बयान को लेकर उन्होंने फिरोजाबाद में प्राथमिक की दर्ज करने के लिए तहरीर भी दी थी लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया. अब उन्होंने एमपी एमएलए कोर्ट की शरण ली है. अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा (भारत) के राष्ट्रीय सचिव दलवीर सिंह तोमर ने सपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन की संसद में राणा सांगा पर विवादित टिप्पणी के विरोध में बुधवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम (एमपीएमएलए कोर्ट) में परिवाद दायर किया है. कोर्ट ने बयान दर्ज के लिए 22 अप्रैल की तिथि तय की है.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।