रविवार, सितंबर 20 2026 | 01:21:07 AM

मालगाड़ियों के टकराने से 2 लोको पायलटों की मौत, 4 सीआईएसएफ जवान भी घायल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

रांची. झारखंड के साहिबगंज में दो मालगड़ियों की सीधी टक्कर हो गई है। हादसा सोमवार देर रात तीन बजे हुआ है। इस हादसे में दो लोको पायलट की मौत हो गई है। वहीं सुरक्षा में लगे CISF के 4 जवान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक गुड्स ट्रेन पटरी पर खड़ी थी। इसी बीच उसी ट्रैक पर दूसरी गुड्स ट्रेन आ गई। इस वजह से दोनों ट्रेनों की सीधी टक्कर हो गई।

हादसे में जिन 2 लोको पायलट की डेथ हुई है, उनमें से अंबुज महतो बोकारो के रहने वाले थे। वहीं बीएस मॉल बंगाल के रहने वाले थे। घायलों का इलाज बरहेट सदर अस्पताल में चल रहा है। टक्कर के बाद कोयला लदी मालगाड़ी में आग लग गई और कई बोगियां पटरी से उतर गईं। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची दमकल गाड़ियां आग पर काबू पाने में जुट गईं। राहत और बचाव कार्य जारी है।

मेन लाइन बंद थी, लूप लाइन पर पहले से ट्रेन खड़ी थी

ट्रेन हादसे में घायल हुए असिस्टेंट लोको पायलट जितेंद्र कुमार ने बताया कि, ‘पथरा से रेलवे लाइन बदली थी। 40 KM पहले हमने बरहेट कंट्रेल रूम से बात की तो कहा गया कि मेन लाइन थ्रू रहेगी। 34KM बाद भी पूछा तो वही बात कही गई। जब ट्रेन वहां पहुंची तो मेन लाइन बंद थी, लूप लाइन चालू थी और उसमें पहले से ट्रेन खड़ी थी।’

एमजीआर लाइन पर हुई घटना

ट्रेन हादसा साहिबगंज जिले के बरहेट एमजीआर लाइन पर हुआ है। झारखंड के गोड्डा जिले के ललमटिया से पश्चिम बंगाल के फरक्का एनटीपीसी के लिए ट्रेन जा रही थी। हादसा जिस लाइन में हुआ है उस पर ललमटिया से फरक्का तक कोयला लेकर माल गाड़ियां चलती हैं।

- Advertisement -

साभार : दैनिक भास्कर

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।