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ओडिशा में नक्सलियों ने विस्फोटक से भरा ट्रक लूटा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

भुवनेश्वर. ओडिशा में एक बार फिर नक्सलियों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। ओडिशा के राउरकेला में नक्सलियों ने विस्फोटकों से भरे ट्रक को लूट लिया है। जानकारी के अनुसार ट्रक में डेढ़ टन विस्फोटक है। घटना के बाद झारखंड और ओडिशा पुलिस अलर्ट पर है। ट्रक केबलांग थाना क्षेत्र से होते हुए बांको पत्थर खदान की ओर जा रहा था।

नक्सलियों ने ट्रक डाइवर को रिहा किया

सूत्रों की मानें तो नक्सलियों ने ट्रक को रोककर उसे चालक को बंधक बनाया और ट्रक को जबरन सारंडा के घने जंगल की ओर ले गए। घटना के बाद से ही झारखंड और ओडिशा की पुलिस अलर्ट पर है। घटना मंगलवार की है। देर रात नक्सलियों ने ट्रक डाइवर को रिहा कर दिया। जिसके बाद वह महूपदा थाने के लिए रवाना हो गया। विस्फोटकों से भरा ट्रक अभी भी नक्सलियों के कब्जे में है। पुलिस अंधेरा और घना जंगल होने के कारण जंगल में नहीं घुसी। पुलिस सारंडा के जंगल क्षेत्र और ओडिशा बाॅर्डर के थाना क्षेत्र में विशेष सावधानी बरत रही है। आशंका जताई जा रही है कि सुरक्षाबल इस विस्फोट का उपयोग सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने में कर सकते हैं।

माडवी और हिडमा जैसे नक्सली अभी भी फरार हैं

बता दें कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब आखिरी सांसें गिन रहा है। पिछले कुछ समय में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ कई सफल ऑपरेशन चलाए हैं जिसमें कई बड़े नक्सली और कमांडर मारे गए हैं। 21 मई 2025 को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में हुए एनकाउंटर में नक्सली संगठन भाकपा के महासचिव नंबाला केशव राव को मार गिराया। जिस पर 10 करोड़ रुपये का इनाम था। हालांकि माडवी और हिडमा जैसे नक्सली अभी भी फरार हैं और सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बने हुए हैं।

साभार : न्यूज24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।