सोमवार, सितंबर 21 2026 | 04:49:32 AM

जोधपुर में शुरू होगा एक्‍सरसाइज बोल्ड कुरुक्षेत्र 2025

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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भारत-सिंगापुर संयुक्त सैन्य अभ्यास का 14वां संस्करण, एक्‍सरसाइज बोल्ड कुरुक्षेत्र 2025, आज जोधपुर में शुरू होने वाला है और यह सैन्‍य अभ्‍यास 04 अगस्त 2025 तक जारी रहेगा। इस अभ्यास में 4 सिंगापुर आर्मर्ड ब्रिगेड की 42 सिंगापुर आर्मर्ड रेजिमेंट और भारतीय सेना की मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट भाग लेंगी।

यह अभ्यास एक टेबल टॉप अभ्यास और कंप्यूटर-आधारित युद्धाभ्यास के रूप में होगा। इसका उद्देश्य यंत्रीकृत युद्ध के लिए संचालन प्रक्रियाओं को सुदृढ करना है। इसका समापन भारतीय सेना द्वारा उपकरणों के प्रदर्शन के साथ होगा। इस अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के अधिदेश के तहत दोनों सेनाओं की अंतर-संचालन क्षमता और संयुक्त प्रशिक्षण क्षमताओं को बढ़ाना है। इससे द्विपक्षीय रक्षा सहयोग मजबूत होगा।

उद्घाटन समारोह में दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अर्जुन गणपति भारतीय दल का नेतृत्व करेंगे जबकि 42वीं सिंगापुर आर्मर्ड रेजिमेंट के बटालियन कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल खिव झी यूंग सिंगापुर के पक्ष का नेतृत्व करेंगे। 340वीं (I) मैकेनाइज्ड ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर प्रीतम और 4 सिंगापुर आर्मर्ड ब्रिगेड के कमांडर कर्नल वोंग ज़ेंग यू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

42 सिंगापुर बख्तरबंद रेजिमेंट द्वारा भारतीय टुकड़ी को रेजिमेंटल ध्वज का प्रतीकात्मक हस्तांतरण भी किया जाएगा। यह अभ्यास की अवधि में भारतीय गठन को कमान के औपचारिक हस्तांतरण का प्रतीक होगा।

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एक्‍सरसाइज बोल्ड कुरुक्षेत्र 2025 भारत और सिंगापुर के बीच मजबूत रक्षा संबंधों को और मजबूत करेगा तथा सामरिक और रणनीतिक दोनों स्तरों पर आपसी समझ और सहयोग को बढ़ावा देगा।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।