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भारत के दौरे पर आएंगे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, अजीत डोभाल ने की पुष्टि

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नई दिल्ली. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन जल्द भारत दौरे पर आने वाले हैं। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने पुतिन के भारत दौरे के कार्यक्रम की पुष्टि कर दी है। पीएम मोदी ने पुतिन को भारत आने का न्यौता दिया था। एनएसए अजीत डोभाल ने कहा कि पुतिन के भारत दौरे से वह काफी उत्साहित हैं। अजीत डोभाल ने यह घोषणा बृहस्पतिवार को मॉस्को में की।

भारत और रूस की रणनीतिक साझेदारी होगी और गहरी

मॉस्को दौरे पर गए एनएसए अजीत डोभाल ने कहा कि भारत और रूस एक दूसरे के रणनीतिक साझेदार हैं। उनके इस दौरे से दोनों देशों के बीच की यह साझेदारी और गहरी होगी। राष्ट्रपति पुतिन ऐसे वक्त में नई दिल्ली की यात्रा करेंगे, जब अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड वार छिड़ा हुआ है। ऐसे में भारत और रूस मिलकर अमेरिका से निपटने की रणनीति बना सकते हैं।

पुतिन कब आएंगे दिल्ली?

अजीत डोभाल ने बताया कि राष्ट्रपति पुतिन इस साल के अंत तक भारत आएंगे। रूस के राष्ट्रपति ऐसे वक्त में भारत आएंगे, जब अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने से बौखलाकर भारत पर 50 फीसदी का टैरिफ लगा दिया है। इसलिए पुतिन के इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है।

4 साल बाद भारत आएंगे पुतिन

रूस के राष्ट्रपति पुतिन वर्ष 2000 से कई बार भारत आ चुके हैं। उनका आखिरी दौरा दिसंबर 2021 में हुआ था। वह भारत -रूस के 21वें सम्मेलन में सम्मिलित होने आए थे। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात की थी और कई अहम समझौते किए थे। इसके बाद 2022 से रूस-यूक्रेन का युद्ध शुरू हो जाने के बाद राष्ट्रपति पुतिन भारत नहीं आ सके। ऐसे में वह पूरे 4 साल बाद भारत आएंगे। वह 23वें भारत-रूस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

इन मुद्दों पर हो सकती है वार्ता

राष्ट्रपति पुतिन अपनी भारत यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग, उर्जा और व्यापार, भू-राजनीतिक गतिशीलता, यूक्रेन युद्ध और भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने पर अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ के मुद्दे पर बातचीत कर सकते हैं। पुतिन के इस दौरे पर अमेरिका भी भी पैनी नजर रहेगी।

पीएम मोदी के कार्यकाल में पुतिन 6वीं बार करेंगे भारत यात्रा

पीएम मोदी के 11 वर्षों के कार्यकाल में ऐसा 6वीं बार होगा, जब पुतिन बारत दौरे पर आएंगे। इससे पहले वह दिसंबर 2014, 2015, 2016, 2018 और 2021 में भारत दौरे पर आ चुके हैं। 2019-20 में कोविड-19 के प्रकोप और उसके बाद 2022-24 में यूक्रेन से युद्ध के चलते वह भारत नहीं आ सके। अब 6वीं बार दिसंबर में भारत आने की संभावना जताई जा रही है।

मॉस्को में पुतिन से डोभाल की हुई वार्ता

मॉस्को में पुतिन के साथ अजीत डोभाल की मुलाकात और वार्ता भी हुई। इस दौरान अजित डोभाल ने पुतिन से कहा, “आपने बिल्कुल सही कहा  हमारे बीच एक बहुत ही विशेष और लंबे समय से चला आ रहा संबंध है र हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को अत्यधिक महत्व देते हैं। हमारे बीच उच्च स्तरीय संवाद हुए हैं और इन उच्च स्तरीय संवादों ने बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हमें राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे की जानकारी पाकर बहुत खुशी और उत्साह है। मेरा मानना है कि तारीखें अब लगभग तय हो चुकी हैं… लेकिन इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि ये शिखर बैठकें हमेशा से एक निर्णायक मोड़ साबित हुई हैं।”

डोभाल ने सर्गेई शोइगु से भी की मुलाकात

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बृहस्पतिवार को रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु से मुलाकात की। शोइगु ने डोभाल के साथ बैठक के बाद कहा कि दोनों देश ‘‘मजबूत, समय की कसौटी पर खरे उतरे मैत्री संबंधों’’ से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि मास्को और नई दिल्ली के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच नयी व्यापक स्तरीय वार्ता का समय निर्धारित करें। सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ के अनुसार उन्होंने कहा, ‘‘हमारे देशों के बीच अब बहुस्तरीय विश्वास-आधारित राजनीतिक वार्ता प्रभावी ढंग से काम कर रही है। यह राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच नियमित संपर्कों पर आधारित है।

साभार : इंडिया टीवी

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