गुरुवार, सितंबर 10 2026 | 04:07:42 PM

सुरक्षाबलों ने दो जवानों की हत्या में शामिल 5 लाख के इनामी नक्सली को किया ढेर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

रांची. मनातू जंगल में रविवार सुबह सुरक्षाबलों और प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीएसपीसी के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए पांच लाख रुपये का इनामी कमांडर मुखदेव यादव को मार गिराया। एसपी रीष्मा रमेशन ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। समाचार लिखे जाने तक दोनों ओर से रुक-रुक कर फायरिंग जारी थी।

शहीद जवानों की शहादत के बाद बड़ी कार्रवाई

याद रहे कि इसी संगठन के साथ 3 सितंबर की रात हुई मुठभेड़ में पलामू पुलिस के दो जवान शहीद हुए थे। उसी घटना के बाद से नक्सलियों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य 10 लाख का इनामी टीएसपीसी सुप्रीमो शशिकांत गंझू है।

200 से अधिक जवानों की तैनाती

सूत्रों के अनुसार, रविवार सुबह जैसे ही सुरक्षाबलों की टीम मनातू के घने जंगलों में पहुंची, नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। अहले सुबह से दोनों ओर से गोलीबारी जारी है। अभियान में कोबरा, जगुआर और सीआरपीएफ समेत 200 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है।

एक इंसास राइफल समेत कई सामग्री बरामद

मुठभेड़ स्थल से एक इंसास राइफल समेत कई आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद हुई है। पुलिस का मानना है कि इस अभियान से टीएसपीसी संगठन को बड़ा झटका लगा है। एसपी रीष्मा रमेशन ने कहा कि इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन जारी है और किसी भी कीमत पर नक्सली गतिविधियों को पनपने नहीं दिया जाएगा।

साभार : दैनिक जागरण

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।