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गूगल इंडिया ने रागिनी दास को बनाया स्टार्टअप हेड, कभी किया था उन्हें रिजेक्ट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

मुंबई. रागिनी दास (Ragini Das), जो Leap.club की को-फाउंडर थीं, अब Google for Startups India की नई हेड बन गई हैं. उन्होंने यह खबर अपने LinkedIn पोस्ट के जरिए शेयर की और कहा कि जिंदगी का एक चक्र पूरा हो गया है. बता दें कि इसी साल मई के महीने में उन्होंने Leap.club के ऑपरेशन बंद होने की घोषणा की थी.

गूगल ज्वाइन करने के बाद रागिनी ने लिखा, “लाइफ फुल सर्कल में आ गई है. अब मैंने Google में भारत के लिए Head of Google for Startups के रूप में जॉइन किया है.” गूगल की इस जिम्मेदारी के साथ अब वह देशभर के शुरुआती स्टार्टअप फाउंडर्स (Startup Founders) की मदद करेंगी, ताकि वह सही संसाधनों, नेटवर्क और मेंटर्स से जुड़कर ग्रोथ हासिल कर सकें.

रागिनी की कहानी बेहद दिलचस्प है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2013 में की थी. उस वक्त उन्होंने दो जगह इंटरव्यू दिया- Google और Zomato में. गूगल में फाइनल राउंड तक पहुंचने के बावजूद उन्हें सेलेक्शन नहीं मिला. लेकिन किस्मत ने उनके लिए एक और दरवाजा खोला और वह Zomato चली गईं.

Leap.club से मिला मकसद और पहचान

साल 2020 में रागिनी ने अपनी साथी अनन्या रॉय के साथ मिलकर Leap.club की शुरुआत की थी. यह एक प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म था जो महिलाओं (Women Professionals) को कनेक्ट करता था, ताकि वह करियर में आगे बढ़ सकें. रागिनी ने LinkedIn पर लिखा, “Leap.club ने मुझे मकसद दिया, पहचान दी और सबसे जरूरी बात हजारों महिलाओं की जिंदगी बदली.” Leap.club ने कुछ ही सालों में बड़ी कम्युनिटी बनाई और भारत की टॉप महिला-नेतृत्व वाली स्टार्टअप्स में गिना जाने लगा. हालांकि, मई 2025 में कंपनी ने अपने ऑपरेशंस रोक दिए, जिसके बाद रागिनी ने कुछ वक्त अपने लिए निकाला.

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ट्रैवल, पर्सनल टाइम और ‘जिमी’ के साथ वक्त बिताया

Leap.club के बंद होने के बाद रागिनी ने कुछ समय ब्रेक लिया. उन्होंने ट्रैवल किया, पर्सनल प्रोजेक्ट्स पर काम किया और अपने पेट डॉग जिमी (Jimmy) के साथ वक्त बिताया. इसी दौरान उन्हें अगस्त में Google की नई भूमिका के बारे में पता चला, जो उनके अनुभव के बिल्कुल अनुरूप थी. उन्होंने कहा, “यह रोल 0-10 के फाउंडर्स और उन सभी चीजों के बीच था जो मैंने पिछले सालों में बनाई थीं. ऐसा लगा जैसे यह किस्मत में लिखा था.”

अब क्या करेंगी रागिनी Google में?

Head of Google for Startups India के रूप में अब रागिनी का फोकस शुरुआती स्टेज के फाउंडर्स की मदद पर होगा. वे उन्हें सही रिसोर्सेज (Resources), नेटवर्क (Network) और मेंटर्स (Mentors) से जोड़ने का काम करेंगी. गूगल का मिशन है दुनियाभर के स्टार्टअप्स को ऐसे लोगों, प्रोडक्ट्स और प्रैक्टिसेज से जोड़ना जो उन्हें ग्रोथ की राह दिखा सके.

एजुकेशन और शुरुआती जिंदगी

रागिनी दास ने अपनी स्कूली पढ़ाई Chettinad Vidyashram, चेन्नई से की. वहां वह Cultural Secretary भी रहीं. इसके बाद उन्होंने Lancaster University से BBA (Bachelor of Business Administration) में First Class Honours के साथ ग्रेजुएशन किया. उन्होंने करियर की शुरुआत में Standard Chartered Bank और Aludecor में इंटर्नशिप भी की. समय के साथ वह सेल्स लीडर, मार्केटर, प्रोडक्ट मैनेजर और आखिरकार एक स्टार्टअप फाउंडर बनीं.

साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।