रविवार, सितंबर 20 2026 | 03:32:13 PM

चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव और 8 विधानसभा उपचुनावों के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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  1. भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान सभा के आम चुनाव, 2025 और 8 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनावों के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है।
  2. आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20बी द्वारा प्रदत्त पूर्ण शक्तियों के तहत स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में आयोग की सहायता के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करता है।
  3. आयोग ने पहले ही चरण 1 के लिए 121 सामान्य पर्यवेक्षकों और 18 पुलिस पर्यवेक्षकों और बिहार विधान सभा चुनाव 2025 के चरण 2 के लिए 20 पुलिस पर्यवेक्षकों के साथ 122 सामान्य पर्यवेक्षकों को तैनात किया है। 8 विधानसभा क्षेत्र में चल रहे उपचुनावों में 8 सामान्य और 8 पुलिस पर्यवेक्षकों को भी तैनात किया गया है।
  4. विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में तैनाती के बाद, सभी पर्यवेक्षकों ने अपने आवंटित निर्वाचन क्षेत्रों का पहला दौर का दौरा पूरा कर लिया है और अब वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में वापस तैनात हो गए हैं।
  5. भारत निर्वाचन आयोग ने पर्यवेक्षकों को संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया पर बारीकी से नि‍गरानी रखने तथा पारदर्शी, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
  6. पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और मतदाताओं के लिए पूरी तरह से सुलभ रहें तथा यह सुनिश्चित करें कि उनकी शिकायतों का निवारण हो।
  7. पर्यवेक्षकों को मतदान केन्द्रों का दौरा करने तथा मतदाताओं की सुविधा के लिए आयोग द्वारा हाल ही में की गई पहलों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।