रविवार, सितंबर 20 2026 | 10:02:33 PM

सुप्रीम कोर्ट 7 नवंबर को आवारा कुत्तों के संबंध में सुनाएगा अपना नया आदेश

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. सर्वोच्‍च न्‍यायालय 7 नवम्‍बर को आवारा कुत्‍तों के मामले में फैसला सुनाएगा। तीन न्‍यायाधीशों न्‍यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एन.वी.अंजारिया की विशेष खंडपीठ ने कहा कि अधिकतर राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्‍य सचिव पीठ के समक्ष उपस्थित रहे। इससे पहले, शीर्ष न्‍यायालय ने पश्चिम बंगाल और तेलंगाना को छोड़कर सभी राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्‍य सचिव को न्‍यायालय के समक्ष उपस्थित रहने का निर्देश दिया था। 22 अगस्‍त के आदेश के बावजूद सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने यह बताने का निर्देश दिया था कि अनुपालन हलफनामा क्यों दाखिल नहीं किया गया।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने खंडपीठ को आज बताया कि अधिकतर राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने इस मामले में अपना अनुपालन हलफनामा दाखिल कर दिया है। न्यायालय ने भारतीय पशु कल्याण बोर्ड को भी मामले में प्रतिवादी बनाया। साथ ही, कुत्तों के काटने के पीड़ितों की हस्तक्षेप याचिकाओं को भी स्वीकार कर लिया गया।

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यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।