रविवार, सितंबर 20 2026 | 05:57:31 PM

भगोड़े मेहुल चौकसी से जुड़ी 46 करोड़ की संपत्ति नीलाम की जाएगी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े घोटाले के मामले में मेहुल चौकसी की संपत्तियां नीलाम की जाएंगी। मुंबई के पीएमएलए कोर्ट ने मेहुल चोकसी की गीतांजलि जेम्स की कई संपत्तियों की नीलामी को मंजूरी दे दी है। मुंबई की अदालत ने मेहुल चोकसी की लगभग 46 करोड़ रुपये की संपत्ति और चांदी की ईंटों की नीलामी की अनुमति दी है। मुंबई की एक विशेष अदालत ने 23,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले की केंद्र में रही कंपनी गीतांजलि जेम्स लिमिटेड को भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी से जुड़ी 13 असुरक्षित संपत्तियों का मूल्यांकन और नीलामी करने की अनुमति दे दी है।

एफडी के रूप में रखा जाएगा पैसा

पीएमएलए कोर्ट ने भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी से जुड़ी आभूषण कंपनी गीतांजलि जेम्स लिमिटेड के परिसमापक को उसकी असुरक्षित संपत्तियों का मूल्यांकन और नीलामी करने की अनुमति दे दी है। साथ ही निर्देश दिया है कि बिक्री से प्राप्त राशि को धन शोधन मामले के समाप्त होने तक अदालत के नाम से फिक्स डिपॉजिट के रूप में रखा जाए। 4 नवंबर के आदेश में, विशेष न्यायाधीश एवी गुजराती ने इस साल फरवरी में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा नियुक्त परिसमापक शांतनु रे की अर्जी स्वीकार कर ली। गीतांजलि जेम्स, 13,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में शामिल केंद्रीय संस्थाओं में से एक है, जिसमें चोकसी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है।

इन संपत्तियों की होगी नीलामी

शांतनु रे ने ईडी मामले में कुर्क की गई असुरक्षित संपत्तियों के निपटान की अनुमति मांगी थी। ईडी ने अदालत को सूचित किया कि उसे प्रस्तावित मूल्यांकन और बिक्री पर कोई आपत्ति नहीं है। अदालत ने अपने फैसले में यह स्पष्ट किया कि केवल असुरक्षित संपत्तियों की ही नीलामी की जा सकती है, जिन पर सुरक्षित लेनदारों का दावा नहीं है। अदालत ने इस बात पर भी जोर दिया कि ईडी द्वारा संपत्तियों की कुर्की बरकरार रहेगी और आय का स्वामित्व और जब्ती मुकदमे के बाद ही तय की जाएगी।

कोर्ट ने आदेश में क्या कहा?

आदेश में कहा गया है, “खर्चों में कटौती के बाद बिक्री से प्राप्त राशि को इस न्यायालय के नाम आईसीआईसीआई बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा किया जाएगा।” साथ ही कहा गया है कि यह धनराशि पीएमएलए की धारा 8(7) और 8(8) के तहत न्यायिक हिरासत में रहेगी। यह आदेश चल रही मनी लॉन्ड्रिंग कार्यवाही के साथ-साथ परिसमापन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सक्षम बनाता है, जिससे बंद हो चुके गीतांजलि समूह की कुछ संपत्तियों का मुद्रीकरण किया जा सकेगा, तथा मामले का अंतिम निर्णय होने तक आय को सुरक्षित रखा जा सकेगा।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।