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ब्रिटिश खुफिया एजेंसी एमआई5 ने चीनी जासूसों को लेकर जारी किया अलर्ट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लंदन. क्या चीनी जासूस ब्रिटेन में कुछ ‘खेल’करने की फिराक में जाल बिछाने की कोशिश कर रहे हैं? यह सवाल इसलिए क्योंकि ब्रिटिश खुफिया एजेंसी एमआई5 ने मंगलवार को ब्रिटेन के सांसदों को आगाह किया कि चीनी जासूस नियोक्ताओं के माध्यम से उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। इस संबंध में अलर्ट जारी किया गया है।

एमआई5 ने एक नया अलर्ट जारी किया

हाउस ऑफ कॉमन्स(ब्रिटिश संसद का निचला सदन) के अध्यक्ष लिंडसे हॉयल ने सांसदों को लिखे पत्र में कहा कि एमआई5 ने एक नया अलर्ट जारी किया है कि चीनी नागरिक चीन के राज्य सुरक्षा मंत्रालय के इशारे पर “उनसे (ब्रिटिश सांसदों से) संपर्क करने के लिए बड़े पैमाने पर लिंक्डइन प्रोफाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “चीनी मंत्रालय का उद्देश्य जानकारी एकत्र करना और पेशेवर नेटवर्किंग साइट, भर्ती एजेंट तथा अपनी तरफ से काम करने वाले सलाहकारों का इस्तेमाल कर दीर्घकालिक संबंधों के लिए आधार तैयार करना है।”

दो महिलाओं का लिया नाम

हॉयल ने कहा कि एमआई5 ने अलर्ट जारी किया है, क्योंकि गतिविधि “लक्षित और व्यापक” थी। उन्होंने बताया कि अलर्ट में दो महिलाओं-अमांडा किउ और शिर्ली शेन का नाम लिया गया है तथा कहा गया है कि इसी तरह की अन्य लोगों की ‘प्रोफाइल’ जासूसी के लिए मुखौटा के रूप में इस्तेमाल की जा रही है।

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पहले भी कर चुके हैं ऐसी हरकत

ऐसा नहीं है कि चीनी जासूस पहली बार ऐसी हरकत कर रहे हैं। इससे पहले भी वे ऐसे प्रयास करते रहे हैं। इससे पहले एक चीनी जासूस पर आरोप लगा था कि उसने हज़ारों ब्रिटिश अधिकारियों से कॉन्टैक्ट करने और उन्हें देश की सीक्रेट बातें बताने के लिए LinkedIn का इस्तेमाल किया। यह जासूस बीजिंग की मिनिस्ट्री ऑफ़ स्टेट सिक्योरिटी के लिए काम करता था और उसने कई झूठे नामों का इस्तेमाल किया। MI5 ने पहले चेतावनी दी थी कि जासूस उन लोगों को टारगेट करने के लिए LinkedIn का इस्तेमाल कर रहे हैं जिनके पास कॉन्फिडेंशियल जानकारी का एक्सेस है।

कथित जासूस के बारे में कहा जाता है कि उसने पांच सालों में कई नामों का इस्तेमाल किया। सबसे प्रमुख नाम रॉबिन झांग का था। यह दावा किया जाता है कि उस दौरान उन्होंने ब्रिटिश और अन्य अधिकारियों को व्यापार के अवसर प्रदान किये, तथा उनसे संवेदनशील जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया। ऐसा भी कहा जाता है कि उन्होंने एक भर्ती सलाहकार को पैसे भी देने की पेशकश की थी।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।