रविवार, सितंबर 20 2026 | 01:39:50 PM

भारत ने पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली परमाणु सक्षम के-4 बैलिस्टिक मिसाइल का किया सफल परीक्षण

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. जब दुनिया का बड़ा हिस्सा सो रहा था, उसी दौरान भारत ने चुपचाप अपनी रणनीतिक और परमाणु ताकत का दमखम दिखा दिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत ने बंगाल की खाड़ी में समुद्र से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM) का सफल परीक्षण किया है.

यह परीक्षण विशाखापत्तनम के तट से दूर उस इलाके में किया गया, जिसके लिए पहले ही समुद्री नोटिस जारी किया गया था. तय किया गया परीक्षण क्षेत्र करीब 3,240 किलोमीटर तक फैला हुआ था.

K-4 मिसाइल होने की संभावना

हालांकि सरकार की ओर से अभी तक मिसाइल के नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक यह परीक्षण K-4 SLBM का हो सकता है. संभावना है कि मिसाइल को स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी INS अरिहंत से लॉन्च किया गया.

कुछ चर्चाएं अगली पीढ़ी की K-5 मिसाइल को लेकर भी हुईं, लेकिन जिस दूरी के लिए नोटिस जारी किया गया था और पहले के परीक्षणों को देखते हुए K-4 ही सबसे संभावित विकल्प माना जा रहा है. यह लॉन्च 23 दिसंबर की सुबह हुआ है.

- Advertisement -

सेकंड स्ट्राइक क्षमता और मजबूत

भारत का SLBM परीक्षण कार्यक्रम पिछले कुछ सालों में लगातार आगे बढ़ा है. 2024 में भी भारत ने K-4 मिसाइल का सफल परीक्षण किया था, जिसने देश की सेकेंड स्ट्राइक क्षमता को काफी मजबूत किया.

K-4 मिसाइल भारत की समुद्र आधारित परमाणु शक्ति की रीढ़ मानी जाती है. यह मिसाइल समुद्र के भीतर छिपकर दागी जा सकती है, जिससे दुश्मन के लिए इसे पहचानना और रोकना बेहद मुश्किल हो जाता है.

रणनीतिक संदेश साफ

हर सफल परीक्षण न सिर्फ मिसाइल और पनडुब्बी की क्षमता साबित करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि भारत का कमांड, कंट्रोल और कम्युनिकेशन सिस्टम पूरी तरह तैयार और भरोसेमंद है.

यह ताजा SLBM परीक्षण भारत की विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक नीति के तहत एक मजबूत संदेश है कि भारत की रणनीतिक ताकत हर वक्त, हर हाल और हर परिस्थिति में देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयार है.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

- Advertisement -

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।