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रवि पुष्य योग: खरीदारी और शुभ कार्यों के लिए बना महामुहूर्त, बाजारों में बढ़ी रौनक

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नई दिल्ली. ज्योतिष शास्त्र में ‘नक्षत्रों का राजा’ कहे जाने वाले पुष्य नक्षत्र का रविवार के दिन होना ‘रवि पुष्य योग’ का निर्माण करता है। आज देशभर में इस विशेष संयोग को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस योग में किया गया कोई भी कार्य अक्षय फल प्रदान करता है और इस दौरान खरीदी गई वस्तुएं लंबे समय तक समृद्धि प्रदान करती हैं।

क्यों खास है यह संयोग?

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, रवि पुष्य योग को सभी सिद्धियों का दाता माना गया है। जब पुष्य नक्षत्र रविवार को पड़ता है, तो सूर्य देव की कृपा से इसकी शुभता कई गुना बढ़ जाती है।

  • स्थायित्व: इस दिन खरीदी गई संपत्ति, सोना या वाहन लंबे समय तक साथ निभाते हैं।

  • सफलता: नए व्यापार की शुरुआत या निवेश के लिए यह दिन सर्वोत्तम माना गया है।

  • धार्मिक महत्व: इस दिन लक्ष्मी पूजन और दान-पुण्य करने से घर में सुख-शांति का वास होता है।

बाजारों में ‘गोल्डन’ निवेश की तैयारी

रवि पुष्य योग के चलते सर्राफा बाजारों (Jewellery Market) में सुबह से ही गहनों और सिक्कों की बुकिंग के लिए भीड़ देखी जा रही है। केवल सोना ही नहीं, बल्कि रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी भारी उछाल की उम्मीद है। व्यापारियों का कहना है कि लोग इस शुभ मुहूर्त का लाभ उठाने के लिए हफ्तों पहले से योजना बना लेते हैं।

इन कार्यों के लिए है विशेष दिन

  1. स्वर्ण आभूषण: सोने की खरीदारी भाग्यवर्धक मानी जाती है।

  2. बहीखाता पूजन: व्यापारियों के लिए नए खाते शुरू करने का दिन।

  3. दीक्षा और मंत्र: गुरु से मंत्र लेना या नई विद्या सीखना इस दिन सफल होता है।

  4. औषधि सेवन: पुरानी बीमारियों के उपचार की शुरुआत के लिए भी यह योग उत्तम है।

शुभ मुहूर्त का समय

आज यह योग सूर्योदय से शुरू होकर सूर्यास्त तक (या नक्षत्र समाप्ति तक) रहेगा। पंडितों का सुझाव है कि दोपहर के ‘अभिजीत मुहूर्त’ में की गई खरीदारी विशेष लाभकारी होगी।

विशेष टिप: यदि आप खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं, तो घर के ईशान कोण में घी का दीपक जलाकर कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना भी माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने का प्रभावी तरीका है।

कानपुर के स्थानीय सूर्योदय के अनुसार शुभ मुहूर्त की स्थिति :

  • रवि पुष्य योग प्रारंभ: आज सुबह 07:11 AM से (सूर्योदय के साथ)।

  • योग की समाप्ति: रात्रि 10:45 PM तक।

  • अभिजीत मुहूर्त (सबसे शुभ): दोपहर 12:05 PM से 12:47 PM तक।

मंदिरों में विशेष अनुष्ठान

कानपुर के प्रसिद्ध पनकी मंदिर और जेके मंदिर में आज विशेष अर्चना की जा रही है। भक्त अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए पुष्य नक्षत्र के दौरान भगवान का अभिषेक कर रहे हैं। विशेषकर व्यापारियों ने लाभ और उन्नति के लिए लक्ष्मी-नारायण पूजन का आयोजन किया है।

कानपुर वासियों के लिए विशेष सुझाव

आज के दिन कानपुर के स्थानीय समयानुसार दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच खरीदारी करना ‘अमृत काल’ जैसा फल देगा। यदि आप बड़ी खरीदारी नहीं कर रहे हैं, तो केवल श्रीयंत्र या दक्षिणावर्ती शंख खरीदना भी शुभ रहेगा।

नोट : यह एक सामान्य जानकारी है.

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