तिरुपति. मॉरीशस के राष्ट्रपति धर्मबीर गोखूल ने आज आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थल तिरुपति पहुँचकर भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए। अपनी आधिकारिक भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति गोखूल ने सपरिवार तिरुमाला की पहाड़ियों पर स्थित इस प्राचीन मंदिर में मत्था टेका और विशेष पूजा-अर्चना की।
परंपरागत स्वागत और दर्शन
मंदिर पहुँचने पर तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के अधिकारियों और अर्चकों ने राष्ट्रपति का पारंपरिक रूप से स्वागत किया। गोखूल ने ‘महाद्वारम’ के माध्यम से मंदिर में प्रवेश किया। मंदिर के गर्भगृह में उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर की दिव्य प्रतिमा के दर्शन किए और विश्व शांति तथा मॉरीशस-भारत के संबंधों की मजबूती के लिए प्रार्थना की।
सम्मान और प्रसाद वितरण
दर्शन के पश्चात, मंदिर के ‘रंगनायकुला मंडपम’ में वैदिक विद्वानों ने उन्हें ‘वेद आशीर्वादम’ प्रदान किया। TTD के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को भगवान का चित्र, रेशमी वस्त्र और ‘श्रीवारी प्रसादम’ (प्रसिद्ध तिरुपति लड्डू) भेंट कर सम्मानित किया।
सांस्कृतिक जुड़ाव पर जोर
मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में राष्ट्रपति गोखूल ने मंदिर की शांति और दिव्यता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा:
“तिरुपति की यह यात्रा मेरे लिए आध्यात्मिक रूप से अत्यंत सुखद रही। भारत और मॉरीशस के बीच गहरे सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध हैं, और ऐसी यात्राएँ इन रिश्तों को और अधिक प्रगाढ़ बनाती हैं।”
सुरक्षा कारणों से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में कड़े प्रबंध किए गए थे। दर्शन के बाद राष्ट्रपति अपने अगले गंतव्य के लिए रवाना हो गए।
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