बुधवार, मई 13 2026 | 10:10:56 AM
Breaking News
Home / राज्य / उत्तरप्रदेश / बजट 2026: कानपुर लेदर इंडस्ट्री के लिए बड़ी खुशखबरी, कच्चे माल पर ड्यूटी घटने से चमड़ा कारोबार में आएगी तेजी

बजट 2026: कानपुर लेदर इंडस्ट्री के लिए बड़ी खुशखबरी, कच्चे माल पर ड्यूटी घटने से चमड़ा कारोबार में आएगी तेजी

Follow us on:

बजट 2026 में लेदर और फुटवियर

लखनऊ. ‘लेदर सिटी’ के नाम से मशहूर कानपुर के चमड़ा उद्योग के लिए केंद्रीय बजट 2026 एक नई उम्मीद लेकर आया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट में कच्चे माल पर सीमा शुल्क में कटौती, निर्यात नियमों को सरल करने और लेदर–फुटवियर सेक्टर को प्रोत्साहन देने जैसी घोषणाओं ने जाजमऊ और उन्नाव की टैनरियों में उत्साह भर दिया है।

बीते कुछ वर्षों से बढ़ती लागत, पर्यावरणीय नियमों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के कारण मंदी झेल रहे इस सेक्टर के लिए बजट 2026 को उद्योग जगत “रीकवरी बजट” के रूप में देख रहा है।

सस्ते कच्चे माल से घटेगी उत्पादन लागत

बजट 2026 में लेदर और फुटवियर निर्माण में उपयोग होने वाले कई महत्वपूर्ण इनपुट्स को ड्यूटी-फ्री या कम सीमा शुल्क के दायरे में लाया गया है।

  • क्या बदला: वेट-ब्लू (Wet Blue) लेदर, विशेष रसायन और प्रोसेसिंग केमिकल्स पर आयात शुल्क घटाया गया।
  • सीधा फायदा: विशेषज्ञों के अनुसार इससे कानपुर की टैनरियों की उत्पादन लागत में 10–15% तक कमी आ सकती है।
  • MSME को राहत: छोटे और मझोले उद्यम, जो अब तक महंगे कच्चे माल के कारण अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर लेने से हिचकते थे, अब प्रतिस्पर्धी कीमत पर सप्लाई कर सकेंगे।

‘शू-अपर’ उद्योग को बजट 2026 में बड़ी राहत

अब तक बजट प्रोत्साहन मुख्य रूप से तैयार जूतों के निर्यात तक सीमित था, लेकिन इस बार सरकार ने शू-अपर (Shoe Uppers) को भी टैक्स छूट और निर्यात प्रोत्साहन के दायरे में शामिल किया है।

  • कानपुर की खासियत: शहर में सैकड़ों यूनिट्स केवल शू-अपर बनाकर अमेरिका और यूरोप को निर्यात करती हैं।
  • नया फायदा: कच्चे माल पर टैक्स बचत से इन यूनिट्स की लागत घटेगी और मुनाफा बढ़ेगा।
  • रोज़गार असर: इससे स्थानीय स्तर पर हज़ारों कारीगरों और मजदूरों को स्थायी काम मिलने की उम्मीद है।

निर्यात समय सीमा बढ़ने से खत्म होगा पेनल्टी का डर

बजट 2026 में लेदर उत्पादों के निर्यात की समय सीमा को 6 महीने से बढ़ाकर 1 साल कर दिया गया है।

  • क्यों जरूरी था: लेदर उत्पादों की फिनिशिंग, क्वालिटी टेस्ट और सर्टिफिकेशन में अधिक समय लगता है।
  • असर: निर्यातक अब बिना दबाव के बड़े ऑर्डर ले सकेंगे और बेहतर गुणवत्ता पर फोकस कर पाएंगे।

अमेरिका और यूरोप में बढ़ेगी भारतीय लेदर की पकड़

चीन और वियतनाम जैसे देशों से मिल रही कड़ी चुनौती के बीच भारतीय लेदर उत्पाद कीमत के कारण पिछड़ रहे थे।

  • उद्योग विशेषज्ञों का मानना है:
    • कच्चा माल सस्ता होने से भारतीय लेदर उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे।
    • गुणवत्ता में सुधार से ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी।
  • नतीजा: अमेरिका और यूरोप में भारतीय जूते, बैग और लेदर एक्सेसरीज़ की मांग दोबारा तेज़ हो सकती है।

कानपुर के लिए क्या है दीर्घकालिक मायने

बजट 2026 की घोषणाएं केवल तात्कालिक राहत नहीं, बल्कि कानपुर के चमड़ा उद्योग को फिर से वैश्विक नक्शे पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही हैं।

यदि इन नीतियों का सही और तेज़ क्रियान्वयन हुआ, तो आने वाले वर्षों में:

  • निर्यात में बढ़ोतरी
  • MSME सेक्टर का विस्तार
  • स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर

जैसे सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

केंद्रीय बजट 2026 ने कानपुर के चमड़ा उद्योग को लागत, निर्यात और वैश्विक प्रतिस्पर्धा—तीनों मोर्चों पर राहत दी है। उद्योग से जुड़े लोग इसे “नई शुरुआत का बजट” मान रहे हैं, जो कानपुर को एक बार फिर देश की अग्रणी लेदर हब बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

 

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

इलाहाबाद हाईकोर्ट की इमारत और न्याय का प्रतीक तराजू - प्रोफेसर धर्म परिवर्तन मामला।

इलाहाबाद हाईकोर्ट का कड़ा रुख: एडीएम को फटकार, प्रोफेसर की ‘घर वापसी’ पर रोक हटाने का निर्देश

प्रयागराज | मंगलवार, 12 मई 2026   इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में …