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फ्लोर टेस्ट से पहले तमिलनाडु की राजनीति में भूचाल: TVK विधायक की एक वोट की जीत पर मद्रास हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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चेन्नई । बुधवार, 13 मई 2026

तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन के साथ ही कानूनी और राजनीतिक जंग तेज हो गई है। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में तिरुपत्तूर निर्वाचन क्षेत्र से मात्र एक वोट के अंतर से जीत दर्ज करने वाले आर. श्रीनिवास सेतुपति (TVK) की विधायकी पर मद्रास उच्च न्यायालय ने अस्थायी रोक लगा दी है। जस्टिस एल. विक्टोरिया गोवरी और एन. सेंथिलकुमार की अवकाश पीठ ने मंगलवार को आदेश दिया कि सेतुपति बुधवार को होने वाले महत्वपूर्ण विश्वास मत (Floor Test) में मतदान नहीं कर सकेंगे।

विवाद का मुख्य कारण: एक ‘भटका हुआ’ पोस्टल बैलेट

यह मामला शिवगंगा जिले की तिरुपत्तूर सीट (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 185) का है। यहां DMK उम्मीदवार के.आर. पेरियाकरुप्पन को 83,364 वोट मिले, जबकि TVK के सेतुपति को 83,365 वोट प्राप्त हुए।

पेरियाकरुप्पन ने अदालत में दलील दी कि एक पोस्टल बैलेट जो उनके निर्वाचन क्षेत्र का था, गलती से वेल्लोर जिले के तिरुपत्तूर (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 50) भेज दिया गया। वहां के चुनाव अधिकारियों ने इसे अपने क्षेत्र का न मानकर ‘रिजेक्ट’ कर दिया। याचिकाकर्ता का दावा है कि यदि यह वोट सही जगह गिना जाता, तो परिणाम कुछ और हो सकता था।

मामले की ताजा स्थिति

  • सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई: मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के तुरंत बाद सेतुपति ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस मामले को CJI सूर्यकांत के समक्ष तत्काल सुनवाई के लिए रखा है।

  • सरकार पर संकट: विजय के नेतृत्व वाली TVK गठबंधन के पास वर्तमान में 120 विधायकों का समर्थन है (बहुमत का आंकड़ा 118 है)। एक विधायक के मतदान पर रोक लगने से सदन में सरकार का संख्या बल प्रभावित हो सकता है, जिससे यह फ्लोर टेस्ट और भी रोमांचक हो गया है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।