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कानपुर मंडी में गेहूं ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, ₹2850 के पार पहुंचा भाव; किसानों की हुई चांदी

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कानपुर की चकरपुर मंडी में गेहूं की नीलामी और बोरियों का अंबार।

कानपुर. कानपुर की प्रमुख अनाज मंडियों—चाकरपुर और नौबस्ता—में गुरुवार को कारोबारी सत्र की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। रबी विपणन सीजन 2026-27 के आगाज के साथ ही बाजार में गेहूं की कीमतों ने रफ्तार पकड़ ली है। खास बात यह है कि वर्तमान में खुले बाजार के भाव सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को पार कर गए हैं, जिससे किसानों के चेहरे खिले हुए हैं।

गेहूं के भाव में तेजी: MSP को पछाड़ा

सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का MSP ₹2,585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। हालांकि, कानपुर की मंडियों में मांग और आपूर्ति के समीकरणों के चलते गेहूं ₹2,600 से ₹2,850 के बीच बिक रहा है।

  • गेहूं दड़ा: ₹2,600 – ₹2,625

  • गेहूं (आर.आर. 21): ₹2,700 – ₹2,750

  • गेहूं (फार्म क्वालिटी): ₹2,800 – ₹2,850 (प्रीमियम डिमांड)

बड़ी खबर: भारत सरकार द्वारा फरवरी-मार्च 2026 में गेहूं के निर्यात से प्रतिबंध हटाने के फैसले का असर स्थानीय मंडियों पर भी दिख रहा है, जिससे कीमतों को वैश्विक समर्थन मिल रहा है।

ताजा मंडी भाव उत्तर प्रदेश

दलहन और तिलहन: बाजार में स्थिरता का रुख

दालों के बाजार में आज स्थिरता देखी गई। व्यापारियों का कहना है कि होली के बाद मांग सामान्य बनी हुई है, जिससे कीमतों में बड़ा फेरबदल नहीं हुआ है।

जिंस (Crops) न्यूनतम भाव (₹/क्विंटल) अधिकतम भाव (₹/क्विंटल)
चना (साबुत) 5,400 5,500
अरहर (साबुत) 6,500 6,600
मसूर दाल 6,700 6,750
उड़द दाल 7,300 13,700 (क्वालिटी अनुसार)
मूंग दाल 8,000 9,500
सरसों 5,650 5,700
लहसुन 6,000 6,500

 भारत सरकार की नई निर्यात नीति 2026

मोटा अनाज (Millets) के दाम

मोटे अनाजों में भी मिला-जुला रुख रहा। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ने से ज्वार और बाजरा की आवक में सुधार देखा जा रहा है।

  • जौ: ₹2,250 – ₹2,350

  • ज्वार: ₹2,100 – ₹2,150

  • बाजरा: ₹1,900 – ₹2,100

  • मकई: ₹1,900 – ₹2,200

कानपुर स्थानीय समाचार

विशेष विश्लेषण: क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

  1. निर्यात नीति: निर्यात पर रोक हटने से बड़े ट्रेडर्स सक्रिय हो गए हैं।

  2. गुणवत्ता: इस साल फसल की चमक और वजन बेहतर होने से ‘फार्म क्वालिटी’ गेहूं की मांग ₹2,800 के पार है।

  3. मौसम का प्रभाव: मार्च के मध्य में हुई हल्की बूंदाबांदी ने कटाई की गति को थोड़ा प्रभावित किया है, जिससे मंडियों में आवक सीमित है।

डिस्क्लेमर: मंडियों के भाव पल-पल बदलते रहते हैं। व्यापार करने से पहले स्थानीय मंडी समिति से भाव की पुष्टि अवश्य करें।

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