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बाबा बैद्यनाथ मंदिर में बड़ा बदलाव: अब दोपहर 12 बजे से पहले नहीं होगा रुद्राभिषेक, जानें नए नियम

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

रांची | गुरुवार, 16 अप्रैल 2026

झारखंड के विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर (देवघर) में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती भीड़ और हाल ही में हुई अव्यवस्थाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूजा-दर्शन की नियमावली में बड़े बदलाव किए हैं। मंदिर प्रभारी सह एसडीओ (SDO) रवि कुमार द्वारा जारी ताजा आदेश के अनुसार, अब मंदिर के गर्भगृह में दर्शन की व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए विशेष प्रतिबंध लागू रहेंगे।

1. गर्भगृह में रुद्राभिषेक के समय में बदलाव

प्रशासन ने निर्णय लिया है कि अब दोपहर 12:00 बजे से पहले गर्भगृह में किसी भी प्रकार का रुद्राभिषेक नहीं किया जा सकेगा।

  • कारण: सुबह के समय जलार्पण करने वाले सामान्य श्रद्धालुओं की कतार काफी लंबी होती है। रुद्राभिषेक के कारण जलार्पण की गति धीमी हो जाती थी।

  • सख्ती: आदेश का उल्लंघन करने वाले तीर्थ पुरोहितों और पंडा समाज के सदस्यों पर चिह्नित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

2. मंझलाखंड में अनुष्ठानों पर पूर्ण प्रतिबंध

भीड़ के दबाव को कम करने के लिए मंदिर के मंझलाखंड क्षेत्र में संकल्प और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। अक्सर इन अनुष्ठानों के दौरान भीड़ एक जगह रुक जाती थी, जिससे पीछे से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन जाती थी। प्रशासन का पूरा फोकस अब ‘मूविंग दर्शन’ (निरंतर चलते रहने वाले दर्शन) पर है।

3. पंडा धर्मरक्षिणी सभा का विरोध और धरना

प्रशासन के इन कड़े फैसलों के बीच, पंडा धर्मरक्षिणी सभा ने अपना विरोध दर्ज कराया है। सभा ने आज राधा-कृष्ण मंदिर (भीतरीखंड कार्यालय के पास) में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक एकदिवसीय धरने का आह्वान किया है।

  • सभा का पक्ष: महामंत्री निर्मल कुमार झा ने स्पष्ट किया कि यद्यपि यह धरना सीधे तौर पर केवल एसडीओ के आदेश के खिलाफ नहीं है, लेकिन मंदिर की आंतरिक व्यवस्था और पुरोहितों के अधिकारों को लेकर वे अपनी मांगें रखेंगे।

  • प्रशासन का रुख: एसडीओ रवि कुमार ने कहा है कि उन्हें धरने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है और वे केवल आम श्रद्धालुओं की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध हैं।

4. सुरक्षा व्यवस्था और डिजिटल निगरानी

हाल ही में मौनी अमावस्या के दौरान हुई भीड़ की घटनाओं और सुरक्षा इनपुट्स को देखते हुए, मंदिर परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है:

  • कंट्रोल रूम: दंडाधिकारी और पुलिस बल हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे हैं।

  • सीसीटीवी फुटेज: नियमों को तोड़ने वालों की पहचान सीसीटीवी के जरिए की जाएगी।

  • विशेष निर्देश: पुलिस मुख्यालय ने श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों और हालिया सुरक्षा अलर्ट को देखते हुए देवघर डीसी और एसपी को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

श्रद्धालुओं के लिए क्या बदलेगा?

एक्सपर्ट नोट: यदि आप बाबा धाम की यात्रा पर हैं, तो ध्यान रखें कि सुबह के समय केवल सामान्य जलार्पण की अनुमति होगी। यदि आप विशेष अनुष्ठान या रुद्राभिषेक करना चाहते हैं, तो दोपहर 12 बजे के बाद का समय ही उपलब्ध होगा। इससे कतारों में लगने वाला समय 30-40% तक कम होने की उम्मीद है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।