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Saransh Kanaujia

लेखक 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं. कई पुस्तकों का लेखन भी कर चुके हैं. विशेष रूप से राजनीतिक, भारतीय संस्कृति और राष्ट्र से जुड़े विषयों पर लेख लिखते रहे हैं. तात्कालिक विषयों पर भी अच्छी समझा है.

वराहमिहिर: खगोल विज्ञान और ज्योतिष के वो स्तंभ जिनके आगे आज भी विज्ञान नतमस्तक है

प्राचीन भारतीय खगोल विज्ञान के यंत्र और ग्रहों की गणना का चित्रण।

वराहमिहिर प्राचीन भारत की उन असाधारण विभूतियों में से एक थे, जिन्होंने गणित, ज्योतिष और खगोल विज्ञान (Astronomy) को रहस्य और अंधविश्वास से निकालकर तर्क, गणना और प्रेक्षण पर आधारित विज्ञान का स्वरूप दिया। वे गुप्तकाल की बौद्धिक समृद्धि के प्रतीक माने जाते हैं और आज उन्हें भारत के पहले …

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महर्षि भारद्वाज: क्या वाकई प्राचीन भारत में विकसित था विमानन विज्ञान? जानें ‘वैमानिक शास्त्र’ का सच

वैमानिक शास्त्र में वर्णित शकुन विमान का रेखाचित्र।

प्राचीन भारत की ज्ञान-परंपरा केवल दर्शन और अध्यात्म तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसमें विज्ञान, तकनीक और यांत्रिकी की भी गहरी समझ देखने को मिलती है। इन्हीं रहस्यमय और चर्चित विषयों में से एक है महर्षि भारद्वाज द्वारा रचित माने जाने वाला ग्रंथ ‘यंत्र सर्वस्व’, जिसका एक प्रमुख अंश ‘वैमानिक …

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देवेर का युद्ध: जब महाराणा प्रताप की तलवार ने घोड़े समेत दुश्मन के कर दिए थे दो टुकड़े

मेवाड़ के वीर महाराणा प्रताप का युद्ध क्षेत्र में पराक्रम दिखाते हुए रेखाचित्र।

देवेर का युद्ध (Battle of Dewair) भारतीय इतिहास में स्वतंत्रता, स्वाभिमान और दीर्घकालिक संघर्ष की निर्णायक विजय का प्रतीक है। यह युद्ध अक्टूबर 1582 ईस्वी में महाराणा प्रताप और मुगल सम्राट अकबर की सेनाओं के बीच लड़ा गया। इतिहासकारों के अनुसार, यह युद्ध केवल एक सैन्य संघर्ष नहीं था, बल्कि …

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मेवाड़ की छापामार युद्ध प्रणाली : भारतीय सैन्य रणनीति की कालजयी विरासत

महाराणा प्रताप अरावली की पहाड़ियों में छापामार युद्ध की रणनीति बनाते हुए

मेवाड़ की छापामार युद्ध प्रणाली (Guerrilla Warfare) भारतीय सैन्य इतिहास का वह गौरवशाली अध्याय है, जिसने यह सिद्ध कर दिया कि संख्या और संसाधनों से नहीं, बल्कि रणनीति, भूगोल और जनसमर्थन से युद्ध जीते जाते हैं। यह नीति केवल युद्ध कौशल नहीं थी, बल्कि प्रतिकूल परिस्थितियों में स्वतंत्रता और स्वाभिमान …

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चाणक्य नीति: कैसे एक शिक्षक के दिमाग ने दुनिया के सबसे शक्तिशाली साम्राज्य की नींव रखी?

आचार्य चाणक्य और चंद्रगुप्त मौर्य की मंत्रणा

आचार्य चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य और विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय इतिहास के उन महानतम मस्तिष्कों में गिने जाते हैं जिन्होंने केवल सत्ता परिवर्तन नहीं किया, बल्कि राष्ट्र-निर्माण की वैज्ञानिक सोच प्रस्तुत की। उन्होंने बिखरे हुए जनपदों को संगठित कर जिस राजनीतिक ढांचे की नींव रखी, वही …

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नंद वंश का पतन और मौर्य साम्राज्य का उदय: अखंड भारत की नींव रखने वाली ऐतिहासिक क्रांति

नंद सेना और मौर्य सेना के बीच पाटलिपुत्र का ऐतिहासिक युद्ध

प्राचीन भारतीय इतिहास में नंद वंश का पतन और मौर्य साम्राज्य का उदय केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि भारत की राजनीतिक चेतना, प्रशासनिक संरचना और साम्राज्यवादी सोच के विकास का निर्णायक क्षण था। आधुनिक इतिहासकार इसे भारत के पहले राष्ट्रीय साम्राज्य (First Pan-Indian Empire) की शुरुआत मानते हैं। 1. नंद …

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अजेय योद्धा और उनके दिव्य वाहन: महाभारत के इन रथों में छिपे थे अद्भुत रहस्य

अर्जुन का कपिध्वज रथ जिस पर हनुमान जी विराजमान हैं।

महाभारत का युद्ध केवल योद्धाओं के पराक्रम का संग्राम नहीं था, बल्कि यह प्राचीन भारत की उन्नत युद्ध-कला, सैन्य इंजीनियरिंग और दिव्य अस्त्र-शस्त्र परंपरा का विराट प्रदर्शन भी था। इस महायुद्ध में रथ मात्र परिवहन साधन नहीं थे, बल्कि वे योद्धा की पहचान, उसकी मानसिक शक्ति, सामाजिक स्थिति और दैवी …

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धनुर्वेद और मन्त्र विज्ञान: प्राचीन भारत की युद्धकला, जो आधुनिक साइंस से भी आगे थी

प्राचीन धनुर्धर बाण को मन्त्र से अभिमंत्रित करते हुए

धनुर्वेद, यजुर्वेद का उपवेद, केवल शस्त्र चलाने की विद्या नहीं थी, बल्कि यह मन्त्र विज्ञान, मानसिक अनुशासन, श्वसन नियंत्रण और नैतिक युद्ध दर्शन का अत्यंत उन्नत समन्वय था। प्राचीन भारत में युद्ध को केवल शारीरिक संघर्ष नहीं, बल्कि चेतना, आत्मसंयम और धर्म की परीक्षा माना जाता था। आज जब दुनिया …

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उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने पूर्वी भारत में मजबूत की अपनी मौजूदगी, बिहार में चार नई शाखाएँ शुरू

पटना, फरवरी 2026: उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (उज्जीवन एसएफबी) ने आज पूर्वी भारत में अपने नेटवर्क के विस्तार की घोषणा की। इसके तहत बिहार में महाराजगंज, सिवान, खगड़िया और हसनपुर में चार नई शाखाएँ खोली गई हैं। यह विस्तार बैंक की वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और खासकर अर्ध-शहरी और …

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प्राचीन भारतीय अस्त्र-शस्त्र: उन्नत युद्धकला, धातु विज्ञान और रणनीतिक बुद्धिमत्ता की विरासत

मौर्य कालीन भारतीय तलवार और ढाल का प्रदर्शन

प्राचीन भारतीय अस्त्र-शस्त्र (Ancient Indian Weapons) केवल युद्ध के साधन नहीं थे, बल्कि वे उस काल की उन्नत धातु विज्ञान (Metallurgy), रणनीतिक सोच, और वैज्ञानिक कल्पनाशीलता के सशक्त प्रमाण थे। आधुनिक शोध बताते हैं कि भारत में हथियार निर्माण केवल शिल्प नहीं, बल्कि एक संगठित विज्ञान था, जिसे ग्रंथों, गुरुकुलों …

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