प्राचीन भारतीय ग्रंथों, विशेषकर रामायण और महाभारत, में वर्णित विमान और दिव्यास्त्र (जैसे ब्रह्मास्त्र) सदियों से विद्वानों, वैज्ञानिकों और आम पाठकों के लिए कौतूहल और विवाद का विषय रहे हैं। क्या ये केवल काव्यात्मक कल्पनाएँ थीं या फिर किसी भूले-बिसरे उन्नत विज्ञान की स्मृतियाँ? ✈️ विमान: उन्नत तकनीक या कल्पना …
Read More »आर्य आक्रमण का सिद्धांत: इतिहास का सबसे बड़ा ‘सफेद झूठ’ या कोई गहरी साजिश?
दशकों तक भारतीयों को यह पढ़ाया गया कि बाहरी ‘आर्यों’ ने भारत में आकर सिंधु घाटी सभ्यता को नष्ट किया और यहीं से वैदिक संस्कृति की शुरुआत हुई। यह विचार इतना गहराई से पाठ्यपुस्तकों और जनमानस में बैठा दिया गया कि उस पर सवाल उठाना भी असंभव सा लगने लगा। …
Read More »क्या चरखे से मिली आजादी? वो 3 ऐतिहासिक सच जिन्हें इतिहास की किताबों ने दबा दिया
आमतौर पर यह माना जाता है कि 15 अगस्त 1947 को भारत को मिली आज़ादी केवल चरखा, सत्याग्रह और शांतिपूर्ण आंदोलनों की देन थी। लेकिन इतिहास का दूसरा पक्ष यह भी बताता है कि सशस्त्र क्रांति, सैन्य असंतोष और विद्रोह ने ब्रिटिश शासन को निर्णायक रूप से कमजोर किया। 1. …
Read More »आक्रांताओं के हाथ लगी सिर्फ राख: जानें जौहर के पीछे का मनोवैज्ञानिक कारण
मध्यकालीन भारत के इतिहास में, विशेषकर राजस्थान की वीर भूमि पर, जौहर की परंपरा का उल्लेख मिलता है। यह परंपरा मुख्यतः राजपूत दुर्गों और युद्धकालीन परिस्थितियों से जुड़ी रही है। इतिहासकारों के अनुसार, जौहर शब्द की व्युत्पत्ति संस्कृत के ‘जातुगृह’ / ‘जतुगृह’ से मानी जाती है—अर्थात ऐसा गृह जिसमें ज्वलनशील …
Read More »क्या नालंदा में सिर्फ धर्म की पढ़ाई होती थी? जानिए उस आग का सच जो 3 महीने तक नहीं बुझी
भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में नालंदा विश्वविद्यालय का नाम अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाता है। फिर भी आज एक बड़ा भ्रम लगातार दोहराया जाता है कि नालंदा केवल बौद्ध धर्म की शिक्षा का केंद्र था। वास्तविकता यह है कि नालंदा अपने समय का विश्वस्तरीय बहुविषयक विश्वविद्यालय था, जिसकी …
Read More »हल्दीघाटी युद्ध का वो सच जो 450 साल तक छुपाया गया! क्या महाराणा प्रताप ने अकबर को हराया था?
दशकों तक पाठ्यपुस्तकों और लोकप्रिय इतिहास में यह स्थापित किया जाता रहा कि 18 जून 1576 को हुए हल्दीघाटी के युद्ध में मुगल सेना ने महाराणा प्रताप को पराजित कर दिया था। इस निष्कर्ष का मुख्य आधार मुगलकालीन दरबारी इतिहासकारों — विशेषकर अबुल फज़ल — के लेखन रहे। लेकिन प्रश्न यह …
Read More »महर्षि सुश्रुत: दुनिया के पहले सर्जन जिन्होंने 2500 साल पहले की थी प्लास्टिक सर्जरी
प्राचीन भारत के महान चिकित्साशास्त्री महर्षि सुश्रुत को संपूर्ण विश्व में ‘शल्य चिकित्सा का जनक’ (Father of Surgery) माना जाता है। लगभग 600 ईसा पूर्व, यानी आज से करीब 2,500 वर्ष पहले, उन्होंने चिकित्सा विज्ञान को जिस ऊँचाई तक पहुँचाया, वह आधुनिक युग में भी आश्चर्यजनक मानी जाती है। उनकी …
Read More »आरबीआई ऑफिस अटेंडेंट भर्ती: जानें अब आपके शहर में कितनी बची हैं रिक्तियां?
नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Office Attendant (कार्यालय परिचारक) भर्ती 2026 के तहत एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक संशोधन किया है। इस बदलाव में देशभर की कुल रिक्तियों की संख्या में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, लेकिन क्षेत्रीय स्तर पर पदों के वितरण को पुनर्गठित किया गया है। इसका …
Read More »‘आज़ाद ही रहेंगे’: 15 कोड़ों से लेकर 15 गोलियों तक, रोंगटे खड़े कर देगी चंद्रशेखर आज़ाद की ये शौर्य गाथा
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में चंद्रशेखर आज़ाद ऐसा नाम हैं, जो साहस, अडिग संकल्प और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक बन चुका है। उनका जीवन किसी रोमांचक फिल्मी पटकथा से कम नहीं था—और उसका सबसे निर्णायक दृश्य है अल्फ्रेड पार्क की वह अंतिम घड़ी, जहाँ उन्होंने अपनी प्रतिज्ञा निभाते हुए …
Read More »सिंधु घाटी सभ्यता का नगर नियोजन: 5000 साल पहले भी आज से बेहतर थे हमारे शहर
सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) केवल प्राचीन इतिहास का अध्याय नहीं है, बल्कि यह आज की स्मार्ट सिटी अवधारणा की जड़ भी है। लगभग 3000 ईसा पूर्व, जब दुनिया के अधिकांश हिस्सों में मानव समाज प्रारंभिक अवस्था में था, तब हड़प्पा और मोहनजोदड़ो जैसे नगर सुव्यवस्थित शहरी नियोजन का …
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