भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का जन्म 1889 में हुआ था। उनका बचपन किसी सामान्य भारतीय बच्चे जैसा नहीं था। परिवार, परिवेश और शिक्षा—तीनों ही स्तरों पर उनका अनुभव विशिष्ट रहा। बचपन का अकेलापन: व्यक्तित्व निर्माण की पहली सीढ़ी नेहरू अपनी दोनों बहनों—विजयालक्ष्मी पंडित और कृष्णा हठीसिंह—से उम्र में …
Read More »मणिकर्णिका: खिलौनों से नहीं, तलवारों से खेली थी काशी की यह बेटी; जानिए रानी लक्ष्मीबाई के बचपन की अनसुनी बातें
रानी लक्ष्मीबाई का बचपन किसी सामान्य बालिका की तरह गुड़िया-खेलों और घरेलू सीमाओं तक सीमित नहीं था। उनका जीवन आरंभ से ही संघर्ष, अनुशासन और आत्मसम्मान से गढ़ा गया। उनका व्यक्तित्व शास्त्र (ज्ञान) और शस्त्र (वीरता)—दोनों के संतुलन से विकसित हुआ, जिसने आगे चलकर उन्हें भारतीय इतिहास की सबसे साहसी …
Read More »असहयोग आंदोलन से मोहभंग: वह मोड़ जिसने भगत सिंह को क्रांतिकारी बनाया
बलिदानी भगत सिंह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के उन विरले नायकों में हैं, जिन्हें केवल क्रांतिकारी कहना उनके व्यक्तित्व को सीमित कर देना होगा। वे एक प्रखर विचारक, तर्कशील लेखक और दूरदर्शी युवा थे, जिनका “इंकलाब ज़िंदाबाद” केवल नारा नहीं, बल्कि अन्याय, शोषण और गुलामी के विरुद्ध एक संपूर्ण दर्शन था। …
Read More »सुभाष चंद्र बोस: जब देशप्रेम के आगे छोटी पड़ गई अंग्रेजों की सबसे बड़ी नौकरी!
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में ऐसे व्यक्तित्व विरले ही हुए हैं, जिन्होंने निजी वैभव, सामाजिक प्रतिष्ठा और सत्ता के शिखर को स्वेच्छा से त्याग दिया हो। सुभाष चंद्र बोस ऐसे ही क्रांतिकारी राष्ट्रनायक थे, जिनकी आत्मा भारत की गुलामी से व्यथित थी। उनका संपूर्ण जीवन इस बात का प्रमाण …
Read More »बिना ‘शून्य’ के कैसा होता आपका बैंक बैलेंस और स्मार्टफोन? जानिए आर्यभट्ट की इस महान देन का महत्व
“जब ज़ीरो दिया मेरे भारत ने, दुनिया को तब गिनती आई…” — यह पंक्ति केवल एक गीत नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के बौद्धिक इतिहास का प्रमाण है। शून्य (Zero) के बिना न आधुनिक गणित संभव होता, न कंप्यूटर एल्गोरिद्म, न डिजिटल भुगतान, और न ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उन्नत तकनीकें। …
Read More »चित्तौड़गढ़ के 3 ऐतिहासिक जौहर: जब अपनी अस्मत बचाने के लिए धधकती आग में कूद गईं हजारों राजपूत महिलाएं
मेवाड़ की धरती को यूँ ही ‘वीर प्रसूता भूमि’ नहीं कहा जाता। यह वह पावन क्षेत्र है जहाँ सम्मान, स्वाभिमान और मर्यादा को जीवन से भी ऊपर माना गया। राजस्थान के इतिहास में चित्तौड़गढ़ का किला केवल पत्थरों से बना एक दुर्ग नहीं, बल्कि उन गाथाओं का जीवंत साक्ष्य है, …
Read More »भगवान बिरसा मुंडा: 25 की उम्र में कैसे बने ‘धरती आबा’? जानें उनके ‘उलगुलान’ की पूरी कहानी
बिरसा मुंडा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे महानायक थे, जिन्होंने बेहद कम उम्र में आदिवासी चेतना को नई दिशा दी। उनका जन्म 15 नवंबर 1875 को वर्तमान झारखंड के खूंटी जिले में हुआ था। मात्र 25 वर्ष की आयु में 9 जून 1900 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनका …
Read More »UPSC नोटिफिकेशन 2026 जारी: 933 पदों के लिए आवेदन शुरू, इस बार बदल गए हैं नियम; यहाँ देखें पूरी डिटेल
नई दिल्ली. देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन प्रतियोगी परीक्षा UPSC सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2026 का आधिकारिक नोटिफिकेशन 4 फरवरी 2026 को जारी कर दिया गया है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा जारी इस अधिसूचना के साथ ही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इस बार …
Read More »नरवणे की किताब का ‘जिन्न’ आया बाहर: संसद में भारी बवाल के बीच PM मोदी का संबोधन टला, राहुल गांधी ने सरकार को घेरा
नई दिल्ली. संसद के बजट सत्र का आज का दिन भारतीय लोकतंत्र के सबसे तनावपूर्ण और चर्चित दिनों में दर्ज हो गया। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में खड़े हुए, लेकिन विपक्ष के तीखे विरोध और नारेबाजी के चलते उन्हें …
Read More »बजट सत्र में ‘गद्दार’ शब्द पर बवाल, राहुल गांधी–रवनीत सिंह बिट्टू की तीखी भिड़ंत से लोकसभा ठप
नई दिल्ली. संसद के बजट सत्र के दौरान आज लोकसभा की कार्यवाही उस वक्त पूरी तरह बाधित हो गई, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। राहुल गांधी द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘गद्दार’ शब्द ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया, …
Read More »
Matribhumisamachar
