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जब समाज आगे और सरकार पीछे चलती है, तो नए कीर्तिमान स्थापित होते हैं : योगी आदित्यनाथ

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर 2 बजे माहेश्वरी प्रसाद इंटर कालेज में संस्थापक की स्मृति दिवस पर आयोजित वार्षिकोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान सीएम ने कहा कि ”जब समाज आगे चलता है और सरकार पीछे चलती है तो समाज नित नए कीर्तिमान स्थापित करता है। नतीजा यह है कि आज हम विश्व गुरु बनने को अग्रसर हैं। जब सरकार आगे चलती है और समाज पीछे चलता है तो परिणाम दूसरे यानी अवनति की ओर जाते हैं।” सीएम ने कहा ”उनकी सरकार में वन डिस्टिक वन प्रोडक्ट, विश्वकर्मा सम्मान योजना, शिक्षा के क्षेत्र में अलंकरण योजना लोगों को नए विकास के पथ पर ले जाने को तैयार है। शिक्षा के क्षेत्र की चर्चा कर सीएम ने कहा बच्चों को पढ़ाई के साथ लाइब्रेरी जरूर जाना चाहिए, अख़बार पढ़ना चाहिए, क्योंकि पढ़ने से ज्ञान का अर्जन होगा। बच्चों को खेल से जुड़ने की सलाह दी। पुस्तकों के अध्ययन से मिले ज्ञान को सरकार डिजिटल फार्मेट में लाने का काम कर रही है।”

इससे पहले इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की कुलपति संगीता श्रीवास्तव ने सीएम को अभिनंदन पत्र एवं यूनिवर्सिटी की स्मृति पुस्तक देकर उनका स्वागत किया। मंच पर सीएम योगी के साथ मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, सांसद विनोद सोनकर, जिपं अध्यक्ष कल्पना सोनकर मौजूद हैं। कोहरे के कारण सीएम का आगमन तीन घंटे देर से हुआ। वह सीधे सड़क मार्ग से होते हुए कार्यक्रम में पहुंचे। कार्यक्रम में मंच पर कुलपति संगीता श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री का अभिनन्दन पत्र पढ़कर सुनाया एवं उन्हें अपने कर कमलों से समर्पित किया। कुलपति संगीता श्रीवास्तव ने विश्वविद्यालय परिवार की तरफ से एक स्मृति पुस्तक भी मुख्यमंत्री को भेंट की। कॉलेज के प्रबंधक न्यायमूर्ति विक्रम नाथ श्रीवास्तव ने विद्यालय की स्थापना से अब तक का इतिहास प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की बेटियों की शिक्षा के लिए एक डिग्री कालेज की मांग की। जिसको मुख्यमंत्री ने डीएम को प्रस्ताव बनाकर भेजने की बात मंच से कही। कार्यक्रम के दौरान मंच पर मुख्यमंत्री के साथ प्रमुख सचिव संजय प्रसाद, ADG प्रयागराज भानु भास्कर, आईजी चन्द्र प्रकाश, डीएम सुजीत कुमार, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, सांसद विनोद सोनकर एवं जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर उपस्थित रहीं।

साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।