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संभल हिंसा में शामिल 400 से अधिक उपद्रवियों की हुई पहचान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. संभल हिंसा मामले में पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। हाल ही में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से दो वीडियो और फोटो जारी किए हैं, जिनमें उपद्रवी हाथों में पत्थर लेकर पुलिस पर निशाना साधते नजर आ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इससे आरोपियों की पहचान में तेजी लाई जा रही है।

अब तक 400 उपद्रवियों की पहचान

मुरादाबाद कमिश्नर आज्जनेय कुमार सिंह ने बताया कि अब तक 400 से अधिक उपद्रवियों की पहचान की जा चुकी है। पुलिस ने चार महिलाओं सहित 31 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। हिंसा के दौरान उपद्रवियों के पास से चाकू, तमंचे और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। हिंसा की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग ने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। आयोग ने घटना स्थल पर स्थानीय लोगों से बात कर जानकारी जुटाई। प्रशासन के अनुसार, हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

शाही जामा मस्जिद पर विवाद बना कारण

हिंसा का मुख्य कारण शाही जामा मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद है। 19 नवंबर को हिंदू पक्ष ने चंदौसी कोर्ट में दावा किया था कि शाही जामा मस्जिद हरिहर मंदिर है। 24 नवंबर को मस्जिद के सर्वे के दौरान हजारों की भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी और फायरिंग कर दी। इस हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए।

क्षेत्र में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात

हिंसा के बाद से शाही जामा मस्जिद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। बाजार बंद हैं और लोगों में डर का माहौल है। सुरक्षा के लिए क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। हिंसा को रोकने और आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच जारी है। पुलिस ने कहा है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।