शनिवार, सितंबर 19 2026 | 10:34:40 AM

विवादित मजार के पास छात्रों ने किया हनुमान चालीसा का पाठ

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज (UP College) परिसर स्थित विवादित मजार के पास छात्रों ने मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करने का एलान किया। इसे देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई है। मौके पर अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. एस चनप्पा छात्रों से बात करने पहुंचे। लेकिन, छात्रों ने किसी की एक नहीं मानी। भारी संख्या में जुटे छात्रों ने एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ करना शुरू कर दिया।

हनुमान चालीसा का पाठ करने पहुंचे छात्रों को काबू करने में पुलिस के भी पसीने छूट गए। छात्रों के विरोध के बीच पुलिस अधिकारी उन्हे समझाने में जुटे रहे, लेकिन छात्रों की जुबान पर केवल जय श्रीराम का नारा ही रहा। पुलिस के जवानों ने छात्रों को रोका तो उन्होंने विरोध जताते हुए बैरिकेडिंग हटाने की बात कही। इस दौरान पुलिस अधिकारियों द्वारा छात्रों को समझाने का प्रयास जारी रहा। यूपी कॉलेज के छात्र सुबह से ही इकट्ठा होने लगे। उन्होंने हनुमान चालीसा का एलान करने के साथ ही जय श्री राम का नारा लगाना शुरू कर दिया। धीरे- धीरे छात्रों की संख्या सैकड़ों में हो गई। सभी एक सुर में हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे।

कई छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया

यूपी कॉलेज में छात्रों का आंदोलन बढ़ता ही जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे कई छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया। इस दौरान उन्हें जीप में भरकर ले जा रही पुलिस को भी अन्य छात्रों ने रोकने का प्रयास किया। जय भारत माता की और जय श्रीराम का नारा लगाते हुए छात्र जीप के आगे आने लगे। कई छात्र जीप के सामने ही लेट गए। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस छात्रों को रोकने में जुटी रही।

ये है मामला

वक्फ बोर्ड ने उदय प्रताप कॉलेज को अपनी संपत्ति घोषित कर नोटिस जारी किया है। जिसकी जानकारी मिलने के बाद कॉलेज के स्टाफ और छात्रों में नाराजगी है। इसी बात को लेकर सोमवार को कॉलेज में विरोध प्रदर्शन के बाद मंगलवार को छात्र मजार के पास हनुमान चालीसा का पाठ करने पहुंच गए। उदय प्रताप कॉलेज की स्थापना महाराजा राजर्षि सिंह जूदेव ने 1909 में की थी। परिसर में कई शैक्षिक संस्थान संचालित किए जाते हैं, जिनमें उदय प्रताप इंटर कॉलेज, रानी मुरार बालिका इंटर कॉलेज, उदय प्रताप पब्लिक स्कूल, मैनेजमेंट कॉलेज और उदय प्रताप स्वायत्तशासी कॉलेज शामिल हैं। इन सभी संस्थानों में कुल 15 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं।

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साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।