शनिवार, सितंबर 19 2026 | 08:06:33 AM

उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति अस्पताल में हुए भर्ती

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. रेप के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने बीपी और शुगर के साथ चक्कर आने की शिकायत की, जिसके बाद तत्काल उन्हें बलरामपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. गायत्री प्रजापति को बलरामपुर अस्पताल के न्यू प्राइवेट वार्ड के कमरा नंबर 15 में भर्ती कराया गया है. उनका इलाज अस्पताल के सीनियर फिजिशयन विष्णु समेत अन्य डॉक्टरों की टीम की निगरानी में किया जा रहा है. उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि उनकी तबीयत पर नजर रखी जा रही है अगर ज़रूरत हुई तो उन्होंने बड़े अस्पताल भी रेफर किया जा सकता है.

प्राइवेट वार्ड देने पर उठे सवाल

गायत्री प्रजापति की तबीयत खराब होने के बीच उन्हें प्राइवेट वार्ड दिए जाने के लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, कहा जा रहा है कि सजायाफ्ता होने के बाद भी उन्हें अस्पताल में प्राइवेट वार्ड किस आधार पर आवंटित किए दआ है. हालांकि इस पर अस्पताल की ओर से भी बयान सामने आया है. अस्पताल के निदेशक डॉक्टर सुशील प्रकाश ने बताया कि गायत्री प्रजापति पूर्व में यूपी सरकार में मंत्री रहे हैं और सुरक्षा के लिहाज से उन्हें प्राइवेट रूम में दिया गया है.

गायत्री प्रजापति ब्लड प्रेशर और शुगर की शिकायत होने के बाद अस्पताल लाया है, जहां पांच विशेषज्ञों की कमेटी भी जांच के लिए बनाई गई है , जो उनकी जांच और इलाज पर नजर रख रही है. निदेशक डॉक्टर सुशील प्रकाश का कहना है कि कमेटी के रिपोर्ट के आधार पर उन्हें उच्च संस्थान में भी रेफर किया जा सकता है. गायत्री प्रजापति समाजवादी पार्टी की सरकार में खनन मंत्री रह चुके हैं. उन्हें नाबालिग लड़की से रेप के मामले में उम्रक़ैद की सजा मिली है, जिसके बाद से वो साढे तीन साल से जेल में बंद है. उन्होंने कई बार जमानत के लिए भी अर्जी दी लेकिन हर बार उनकी अर्जी को ख़ारिज कर दिया गया.

साभार : एबीपी न्यूज

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।