शनिवार, सितंबर 19 2026 | 06:08:33 AM

सीटिंग अरेंजमेंट बदलने के कारण कांग्रेस से नाराज हुए अखिलेश यादव

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. लोकसभा में बैठने की नई व्यवस्था कर दी गई है. सूत्रों का दावा है कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव इससे नाखुश हैं . फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद को, अखिलेश यादव के पीछे दूसरी पंक्ति में कर दिया गया है. इस बात की जानकारी कांग्रेस द्वारा उन्हें न दिए जाने से अखिलेश कांग्रेस से भी नाखुश बताये जा रहे हैं.

दरअसल, भारत में प्रमुख विपक्षी दल के रूप में कांग्रेस के पास जिम्मेदारी थी कि वो अपने सहयोगी दल से बात कर स्पीकर को सीट आवंटन को लेकर जानकारी दे. सूत्रों के मुताबिक समाजवादी पार्टी की मांग से उलट उनको एक सीट ही पहली पंक्ति यानी फ्रंट रो में दी गई. जबकि समाजवादी पार्टी ने अखिलेश यादव और अवधेश प्रसाद दो लोगों के लिए फ्रंट रो की सीट की मांग रखी थी. इस लिहाज से सपा की फ्रंट की संख्या दो से घटाकर एक कर दी गयी है, जिसका मतलब है कि केवल अखिलेश यादव आगे बैठेंगे. जबकि अवधेश प्रसाद और डिंपल यादव उनके पीछे वाली सीट पर बैठेंगे.

सपा की सीट कर दी गई कम?

जो जानकारी निकल कर सामने आई उसके मुताबिक विपक्षी पार्टियों के नेताओं को पहली पंक्ति यानी फ्रंट रो में जितनी सीट मिलनी थी उसमे से एक सीट कम कर दी गई और जो सीट कम हुई वह सपा के खाते से गयी. सूत्रों के मुताबिक अखिलेश की नाखुशी की वजह यही है कि उनको वक्त रहते कांग्रेस के नेताओं के द्वारा यह जानकारी नहीं दी गई, वरना मुमकिन है की सीट एलोकेशन से पहले इस मुद्दे को सुलझा लिया जाता. सूत्रों की मानें तो संभल पर एकजुटता नहीं होने के साथ ही यह भी एक भी मुद्दा बताया जा रहा है जिसके चलते समाजवादी पार्टी के सांसद  विपक्षी पार्टियों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होते नहीं दिख रहे.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।