लोड हो रहा है...

पांडवों ने पांच गांव मांगे थे, हिन्दू तो सिर्फ 3 स्थान मांग रहे हैं : योगी आदित्यनाथ

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा करते हुए कहा कि 22 जनवरी को अयोध्या में हुई प्राण प्रतिष्ठा से देश के गौरव की पुर्नस्थापना हुई है। देश-विदेश के करोड़ों रामभक्तों में उत्साह है। अब अयोध्या विश्व की सांस्कृतिक राजधानी बनने की दिशा में अग्रसर हो रही है।

उन्होंने महाभारत के सहारे विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि पांडवों ने दुर्योधन से सिर्फ पांच गांव मांगे थे यहां पर बहुसंख्यक समाज के लोगों ने अयोध्या, मथुरा और काशी मांगी थी। इसके लिए उन्हें सदियों तक संघर्ष करना पड़ा। आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन गया है। काशी और मथुरा हमारे लिए सिर्फ एक नगर ही नहीं हैं बल्कि विशिष्ट स्थान हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमने वचन निभाया और मंदिर वहीं बनाया…। हम जो कहते हैं वो कर के दिखाते हैं। हमें खुशी है कि अयोध्या का पुराना गौरव वापस लौट आया है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि होना तो ये चाहिए था कि आजादी के बाद से ही हिंदुओं के इन पवित्र स्थानों को भव्य बनाया जाता पर वोट बैंक की राजनीति के कारण अयोध्या की उपेक्षा हुई और अयोध्या वोटबैंक की राजनीति के कारण अभिशप्त रही।

अयोध्या के साथ अन्याय हुआ। वहां के लोगों के साथ अन्याय हुआ है। मंदिर का मामला तो न्यायालय में था तो क्या वहां सड़क और बिजली नहीं दी जा सकती थी। क्या सरयू के घाटों की सफाई नहीं की जा सकती थी लेकिन अयोध्या को कुत्सित मंशा के कारण अभिशप्त रखा गया।

- Advertisement -

‘डबल इंजन की सरकार ने युवाओं के सामने पहचान का संकट खत्म किया’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले यूपी के युवाओं के सामने पहचान का संकट था। उन्हें हेय दृष्टि से देखा जाता था। वो कहीं जाते थे तो रहने के लिए उन्हें कमरा नहीं मिलता था पर अब ये पहचान का संकट खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश की छवि में बदलाव किया है। प्रदेश तरक्की कर रहा है। प्रदेश में धार्मिक पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है। देश ही नहीं दुनिया के नक्शे पर यूपी को पहचान मिल रही है। अयोध्या में विदेशों से पर्यटक आ रहे हैं।

साभार : अमर उजाला

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www।amazon.in/dp/9392581181/

https://www।flipkart.com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

- Advertisement -

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।