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खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह का भाई हरप्रीत सिंह ड्रग्स के साथ हुआ गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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चंडीगढ़. पंजाब के श्री खडूर साहिब से निर्दलीय सांसद और खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह के भाई हरप्रीत सिंह सहित 3 लोगों को जालंधर पुलिस ने आइस ड्रग के साथ गिरफ्तार किया है. हरप्रीत सिंह की गिरफ्तारी होने की पुष्टि जालंधर देहात पुलिस के एसएसपी अंकुर गुप्ता ने की है. एसएसपी अंकुर गुप्ता ने कहा कि हमने हरप्रीत को गिरफ्तार किया है. हरप्रीत से हमें आइस बरामद हुई है. तीनों आरोपी लुधियाना के संदीप अरोड़ा से आइस ड्रग लेकर आ रहे थे. क्रेटा कार में सवार  हरप्रीत सिंह और लवप्रीत नशा किया. इन दोनों के डोप टेस्ट में रिपोर्ट पॉजिटिव आई है.

नशा विरोधी मुहिम चलाकर सुर्खियों में आया था अमृतपाल

बता दें कि अमृतपाल सिंह फिलहाल असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है. राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत अमृतपाल की गिरफ्तारी की गई थी. वहीं उसके नौ सहयोगी डिब्रूगढ़ जेल में बंद है. वारिस पंजाब का चीफ अमृतपाल पंजाब में नशा विरोधी मुहिम चलाकर ही सुर्खियों में आया था. यहीं नहीं अमृतपाल खुद अपने साथियों के साथ मिलकर नशा मुक्ति केंद्र चला रहा था. अमृतपाल की गिरफ्तारी के बाद यहां इलाज करवाने आए युवा भी अपने घरों को लौट गए थे. उसी अमृतपाल का भाई आज नशे के साथ गिरफ्तार किया गया है.

खडूर साहिब सीट बड़े अंतर से जीते थे अमृतपाल

श्री खड़ूर साहिब लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार अमृतपाल सिंह ने जेल में रहते हुए बड़े अंतर से जीत दर्ज की है. उन्होंने कांग्रेस के कुलदीप सिंह जीरा को 1,97,120 वोटों हराया. अमृतपाल को जहां 4 लाख 4 हजार 430 वोट मिले तो वहीं जीरा को 2 लाख 7 हजार 310 वोट ही मिल पाए. 5 जुलाई को अमृतपाल ने सांसद के तौर पर शपथ ली. उन्हें असम की डिब्रूगढ़ जेल से दिल्ली संसद लाया गया था. जहां उन्हें लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सांसद पद की शपथ दिलाई.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।