लोड हो रहा है...

चंडीगढ़ ब्‍लास्‍ट का आरोप पाकिस्तान में बैठे रिंडा और लांडा पर लगा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

चंडीगढ़. चंडीगढ़ के सेक्टर-10 की एक कोठी में बुधवार शाम को कम तीव्रता के विस्‍फोट के मामले की जांच पंजाब पुलिस के साथ-साथ राष्‍ट्रीय सुरक्षा एजेंसी एनआईए भी कर रही है. दावा किया जा रहा है कि वारदात के पीछे पाकिस्‍तान में बैठा आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंडा है. जांच एजेंसियों का मानना है अपने जिगरी दोस्‍त लखबीर सिंह संधू उर्फ लांडा से अलग होने के बाद वो और भी ज्‍यादा खूंखार हो गया है. रिंडा एक खालिस्‍तानी आतंकी है. पंजाब पुलिस के एक रिटायर्ड एसपी पहले इस मकान में अपने परिवार के साथ रहते थे. माना जा रहा है कि उन्‍हीं को निशाना बनाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया.

मकान मालिक ने दावा किया है कि ऑटो में सवार दो लोगों ने घर पर ग्रेनेड फेंका. इस घटना में किसी को नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन घर की खिड़कियां और बगीचे में रखे कुछ गमले टूट गए. सीसीटीवी फुटेज में दो दिन पहले दो युवकों को इलाके की रेकी करते हुए देखा जा सकता है. इसके तुरंत बाद इस घटना को अंजाम दिया गया. एनआईए के सूत्रों के मुताबिक बीते कुछ समय में रिंडा और लांडा से जुड़े लोगों की अरेस्टिंग से यह पता चला है कि यह दोनों अब साथ काम नहीं कर रहे हैं.

हैप्‍पी पासिया के साथ बनाया नया गैंग

इन आतंकियों के इरादों का पता इसी बात से लगाया जा सकता है कि लांडा साल 2022 में पंजाब पुलिस की खुफिया यूनिट के दफ्तर पर रॉकेट लॉन्‍चर से हमला करवा चुका है. लांडा से अलग होने के बाद रिंडा और भी खतरनाक हो गया है. सूत्रों का दावा है कि अपने नए सहयोगी हरप्रीत सिंह उर्फ ​​हैप्पी पासिया के साथ मिलकर रिंडा ने इस वारदात को अंजाम दिया है. हैप्‍पी इस वक्‍त अमेरिका में छुपा बैठा है. वहीं, से भारत में चल रहे अपने आतंक के नेटवर्क को वो ऑपरेट कर रहा है. सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि ऑटो सवार युवकों ने इस वारदात को अंजाम दिया. एक सोशल मीडिया पोस्‍ट में कथित तौर पर हैप्‍पी पासिया द्वारा चंडीगढ़ ब्‍लास्‍ट की जिम्‍मेदारी ली गई.

साभार : न्यूज़18

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।